कोलकाता: राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की अध्यक्ष विजया राहटकर ने कोलकाता में आयोजित एक जनसुनवाई (Public Hearing) में भाग लेते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में पूर्व की तुलना में महिलाओं की शिकायतों की संख्या में काफी कमी आई है। उन्होंने कहा कि राज्य में पुलिस की भूमिका पहले से कहीं अधिक सक्रिय और सकारात्मक नजर आ रही है, जो एक बेहतर बदलाव का संकेत है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि नई सरकार के गठन को अभी कम समय ही बीता है, इसलिए वे उम्मीद करती हैं कि यह सकारात्मक स्थिति भविष्य में भी बनी रहेगी।
पिछली सरकार के दौर का किया जिक्र, बयां किया दर्द
जनसुनवाई के दौरान विजया राहटकर ने अपने पुराने अनुभवों को साझा करते हुए पिछली सरकार के कार्यकाल का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उस समय जब उन्होंने मालदा और मुर्शिदाबाद जिलों का दौरा किया था, तब वहां महिलाओं पर हुए अत्याचारों की घटनाओं ने उन्हें गहराई से झकझोर दिया था। उस यात्रा के दौरान उन्होंने लगभग 350 पीड़ित महिलाओं से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी थीं।
'अत्याचार देखकर 8 दिनों तक नहीं सो सकी थी'
महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि उस दौरान कई महिलाओं की संपत्ति, सम्मान और सामान्य जीवन पूरी तरह तबाह हो गया था। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "मैं उन दिनों की घटनाओं को आज तक नहीं भूल पाई हूं। एक मां होने के नाते महिलाओं की आपबीती सुनकर मुझे बहुत गहरा दुख पहुंचा था और मैं लगातार आठ दिनों तक सो नहीं सकी थी।"
भविष्य में सुरक्षा और सम्मान की उम्मीद
विजया राहटकर ने आशा व्यक्त की कि वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की रक्षा के लिए और अधिक सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। उन्होंने कहा कि वे उम्मीद करती हैं कि अतीत में हुई उन दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति बंगाल की धरती पर दोबारा कभी नहीं होगी।