शीतलकुची: पश्चिम बंगाल के शीतलकुची में सड़क मरम्मत के काम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सड़क निर्माण शुरू होते ही स्थानीय लोगों ने काम की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क मरम्मत में बेहद निम्न गुणवत्ता वाली निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि इसी तरह काम जारी रहा, तो सड़क कुछ ही समय में दोबारा खराब हो जाएगी। गुरुवार को शीतलकुची ब्लॉक के रानीरदिघी चौपथी इलाके में स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने संबंधित विभाग से मामले में हस्तक्षेप करने और निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग की है।
जिला परिषद की पहल पर शुरू हुआ सड़क मरम्मत का काम
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, जिला परिषद की पहल पर रानीरदिघी मोड़ से रानीरदिघी चौपथी तक सड़क मरम्मत का काम शुरू किया गया है। इस सड़क से इलाके के लोगों का नियमित आवागमन होता है। ऐसे में सड़क की स्थिति बेहतर होने से स्थानीय निवासियों को राहत मिलने की उम्मीद थी। लेकिन काम शुरू होते ही निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क मरम्मत जैसे महत्वपूर्ण काम में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उनका आरोप है कि निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है। इसी वजह से लोगों ने काम के तरीके पर आपत्ति जताते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल का आरोप
प्रदर्शन कर रहे स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सड़क मरम्मत के दौरान बेहद घटिया गुणवत्ता वाली सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य में लापरवाही बरती गई, तो सड़क ज्यादा दिनों तक टिक नहीं पाएगी। लोगों को आशंका है कि मरम्मत पूरी होने के कुछ समय बाद ही सड़क फिर से जर्जर हो सकती है। इससे न केवल सरकारी धन की बर्बादी होगी, बल्कि आम लोगों को भी दोबारा परेशानी का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और काम के तरीके की उचित जांच होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण करने की मांग की है।
सरकारी सिड्यूल के अनुसार काम कराने की मांग
स्थानीय लोगों ने स्पष्ट किया है कि सड़क मरम्मत का काम निर्धारित सरकारी सिड्यूल और मानकों के अनुसार ही पूरा किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि किसी भी सरकारी निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए। ग्रामीणों की मांग है कि सड़क निर्माण में तय मानकों के अनुरूप सामग्री का इस्तेमाल किया जाए। इसके साथ ही काम की नियमित निगरानी भी होनी चाहिए, ताकि निर्माण के दौरान किसी तरह की अनियमितता न हो। लोगों ने संबंधित विभाग से पूरे मामले को गंभीरता से लेने की अपील की है। उनका कहना है कि केवल खानापूर्ति के लिए सड़क की मरम्मत करने के बजाय टिकाऊ निर्माण पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
विधायक सावित्री बर्मन ने क्या कहा?
इस मामले को लेकर शीतलकुची की विधायक सावित्री बर्मन ने कहा कि उन्हें फिलहाल सड़क मरम्मत के काम में कथित अनियमितता की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी जुटाई जाएगी और इसकी जांच की जाएगी। विधायक के इस बयान के बाद अब स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन और संबंधित विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी शिकायतों पर जल्द ध्यान दिया जाएगा। फिलहाल प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग सड़क मरम्मत के काम में गुणवत्ता सुनिश्चित करना और निर्धारित सरकारी मानकों का पालन कराना है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है।