कोलकाता: आखिरकार ईस्ट बंगाल के फैंस का 22 साल लंबा इंतजार खत्म हो गया। इंटर काशी को एक रोमांचक मुकाबले में 2-1 से हराकर ईस्ट बंगाल ने पहली बार इंडियन सुपर लीग (ISL) का खिताब अपने नाम कर इतिहास रच दिया है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही ईस्ट बंगाल 13 मैचों में 26 अंकों के साथ अंक तालिका में शीर्ष पर रहते हुए भारत का नया फुटबॉल चैंपियन बन गया है। मैच खत्म होने के बाद देर रात जब आईएसएल की चमचमाती ट्रॉफी ईस्ट बंगाल क्लब के तंबू (टेंट) में पहुंची, तो समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा। जश्न का आलम यह है कि शुक्रवार दोपहर साढ़े चार बजे क्लब के खिलाड़ी तंबू पहुंचेंगे, जहां आधिकारिक रूप से क्लब का झंडा फहराया जाएगा और फैंस के साथ जीत का जश्न मनाया जाएगा।
ऑस्कर ब्रूज़ोन का वो मंत्र, जिसने बदली किस्मत
मैच से ठीक 24 घंटे पहले ईस्ट बंगाल के स्पैनिश कोच ऑस्कर ब्रूज़ोन ने खिलाड़ियों को एक ही मूलमंत्र दिया था— "आखिरी 90 मिनट में अपना सब कुछ झोंक दो।" मैच में एक समय टीम पिछड़ रही थी, लेकिन कोच के इसी मंत्र को गांठ बांधकर मिगुएल फिगुएरा, राशिद और युसेफ एज़ेज़ारी ने मैदान पर पासा पलट दिया।
पहले हाफ में पिछड़ी टीम, अल्फ्रेड ने चौंकाया
किशोर भारती स्टेडियम में मौजूद 8,112 लाल-पीले समर्थकों की गूंज के बीच मैच के 14वें मिनट में इंटर काशी ने बड़ा उलटफेर किया। सुमित पासी के एक लंबे पास को बखूबी लपकते हुए अल्फ्रेड प्लानस ने पैर के सटीक स्पर्श से ईस्ट बंगाल के गोलकीपर प्रभसुखन सिंह को चकमा देकर गेंद को जाल में डाल दिया। 1-0 से पिछड़ने के बाद भी ईस्ट बंगाल ने हिम्मत नहीं हारी। बिपिन सिंह ने बाएं छोर से लगातार खतरनाक क्रॉस बॉक्स में भेजे, हालांकि युसेफ एज़ेज़ारी पहले हाफ में गोल करने का एक आसान मौका चूक गए और टीम 0-1 से पिछड़कर ब्रेक पर गई।
दूसरे हाफ में 'घायल शेर' की तरह लौटी टीम, युसेफ और राशिद का धमाका
खिताब जीतने के लिए दूसरे हाफ की शुरुआत में ही गोल करना बेहद जरूरी था। 49वें मिनट में इंटर काशी के गोलकीपर शुभम धास की एक बड़ी गलती का फायदा उठाते हुए युसेफ एज़ेज़ारी ने गोल दागकर ईस्ट बंगाल को 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया। इस गोल के साथ ही युसेफ इस सीजन के टॉप स्कोरर बने और 'गोल्डन बूट' पर अपना कब्जा पक्का किया। लेकिन कोच ऑस्कर ड्रॉ से संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने आक्रमण को और तेज किया। मैच के 72वें मिनट (कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार 74वें मिनट) में बिपिन सिंह के एक बेहतरीन और नपे-तुले क्रॉस पर मोहम्मद राशिद ने हवा में शरीर उछालकर गेंद को गोलपोस्ट में डाल दिया। यह इस सीजन में राशिद का पहला गोल था, जो ईस्ट बंगाल के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया। गोल के बाद राशिद फेंसिंग पर चढ़कर फैंस के साथ जश्न में डूब गए।
मोहन बागान चूकी, ईस्ट बंगाल बना 'किंग'
इस खिताबी रेस में चिर-प्रतिद्वंद्वी मोहन बागान के पास भी मौका था, लेकिन उसके लिए ईस्ट बंगाल का हारना और खुद का जीतना जरूरी था। मगर युवाभारती क्रीड़ांगन में खेले गए दूसरे मैच में सर्जियो लोबेरा की मोहन बागान एससी दिल्ली के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेल बैठी। वहीं मुंबई सिटी एफसी ने पंजाब को हराकर दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि पिछले दो बार की चैंपियन मोहन बागान को तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। रेफरी की आखिरी सीटी बजते ही पूरा मैदान मशाले के उजाले और समर्थकों के आंसुओं से भीग गया। फैंस ने अपने चहेते खिलाड़ियों को कंधों पर उठाकर 'राजा' की तरह विदा किया। 22 साल का लंबा इंतजार अब खत्म हो चुका है।