कोलकाता: पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भारत निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने कुछ कथित WhatsApp संदेशों के स्क्रीनशॉट जारी करते हुए दावा किया कि चुनावी निगरानी के नाम पर खास तौर पर अभिषेक अभिषेक बनर्जी, उनकी पत्नी और अन्य TMC नेताओं को निशाना बनाने के निर्देश दिए गए।
TMC का कहना है कि ये संदेश पुलिस और चुनावी खर्च पर नजर रखने वाले अधिकारियों के बीच साझा किए गए थे, जिनमें स्पष्ट रूप से कुछ नेताओं के नाम लेकर उनके वाहनों की जांच करने को कहा गया।
WhatsApp मैसेज में क्या है दावा?
जारी स्क्रीनशॉट के मुताबिक, एक संदेश में “चिंताजनक स्थिति” का जिक्र करते हुए अभिषेक बनर्जी की पत्नी के जरिए पैसे के ट्रांसपोर्ट का आरोप लगाया गया है। साथ ही निर्देश दिया गया कि मुख्यमंत्री को छोड़कर TMC के सभी प्रोटेक्टेड नेताओं—जिनमें अभिषेक बनर्जी और उनकी पत्नी भी शामिल हैं—की दिनभर सख्ती से जांच की जाए।
कई जिलों में पैसे बांटने का भी आरोप
इन संदेशों में यह भी दावा किया गया कि नदिया, बसिरहाट, बोंगांव, कैनिंग, तेहट्टा, डायमंड हार्बर और लालबाग जैसे इलाकों में मेडिकल कैंप के जरिए कथित रूप से पैसे बांटे जा रहे हैं। इसके अलावा झारखंड, बिहार और नेपाल सीमा से नकदी के आने-जाने की आशंका भी जताई गई।
साथ ही फ्लाइंग स्क्वॉड (FST) की तैनाती, CAPF के साथ तालमेल और कंट्रोल रूम के जरिए 24x7 निगरानी के निर्देश भी दिए गए।
TMC ने उठाए निष्पक्षता पर सवाल
TMC नेता कुणाल घोष ने कहा कि अगर यह सामान्य निर्देश होते तो किसी खास पार्टी या नेता का नाम नहीं लिया जाता। उन्होंने कहा, “इस तरह के संदेश चुनावी निष्पक्षता पर सवाल खड़े करते हैं।”
WhatsApp से निर्देश भेजने पर भी सवाल
TMC ने यह भी आरोप लगाया कि इस तरह के संवेदनशील निर्देश WhatsApp के जरिए भेजना प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है। पार्टी ने अभिषेक बनर्जी की पत्नी से जुड़े आरोपों को पूरी तरह अपुष्ट और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया।
EC की ओर से अभी तक नहीं आया जवाब
इस पूरे मामले पर भारत निर्वाचन आयोग की ओर से फिलहाल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, पहले चुनाव आयोग यह कह चुका है कि सभी निगरानी और जांच तय नियमों के तहत ही की जाती है।