कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर आम लोगों से अहम अपील की है। विभाग ने कहा है कि अगर कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत मांगता है, धमकी देता है या जबरन पैसे वसूलने की कोशिश करता है, तो इसकी जानकारी तुरंत दी जाए। भ्रष्टाचार से जुड़ी किसी भी गतिविधि की सूचना मिलने पर कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने साथ ही भरोसा दिलाया है कि शिकायतकर्ता की पहचान और दी गई जानकारी को गोपनीय रखा जाएगा।
रिश्वत मांगे तो चुप रहने की जरूरत नहीं
सरकारी दफ्तर में किसी काम के बदले अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी पैसे मांगता है, तो लोग इसकी शिकायत कर सकते हैं। भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने लोगों से ऐसी स्थिति में चुप रहने के बजाय सामने आने की अपील की है। सिर्फ रिश्वत मांगने ही नहीं, बल्कि धमकी देकर पैसे लेने या जबरन रकम वसूलने की शिकायत भी की जा सकती है। इसके अलावा भ्रष्टाचार से जुड़ी किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी भी विभाग को दी जा सकती है। विभाग का कहना है कि समय पर मिलने वाली जानकारी से मामलों की जांच और कार्रवाई में मदद मिलती है। इस पहल का मकसद सरकारी सेवाओं में भ्रष्टाचार पर रोक लगाना और लोगों का भरोसा मजबूत करना है।
शिकायतकर्ता की पहचान रहेगी गोपनीय
भ्रष्टाचार की शिकायत करने वाले लोगों के मन में अक्सर अपनी पहचान सामने आने को लेकर चिंता रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने जानकारी गोपनीय रखने का भरोसा दिया है। विभाग के अनुसार, शिकायत या सूचना मिलने के बाद मामले की जरूरत के मुताबिक जांच की जाएगी। अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने लोगों से बिना डर और झिझक के भ्रष्टाचार से जुड़ी सही जानकारी साझा करने की अपील की है। इसका उद्देश्य लोगों को यह भरोसा दिलाना है कि उनकी शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा।
ईमानदारी, निष्पक्षता और जवाबदेही पर जोर
भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने सरकारी व्यवस्था में ईमानदारी और नैतिकता को बढ़ावा देने को अपनी प्राथमिकता बताया है। विभाग का कहना है कि आम लोगों को सरकारी सेवाएं पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से मिलनी चाहिए। अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करना भी इसी व्यवस्था का अहम हिस्सा है। विभाग ने सभी लोगों के साथ समान और निष्पक्ष व्यवहार किए जाने पर भी जोर दिया है। सार्वजनिक सेवाओं में किसी तरह की अनियमितता को नजरअंदाज न करने का संदेश दिया गया है। विभाग के मुताबिक, जवाबदेह और पारदर्शी व्यवस्था से ही जनता का भरोसा मजबूत किया जा सकता है।
शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर और ईमेल जारी
भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों के लिए भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने संपर्क के माध्यम भी साझा किए हैं। अगर कोई सरकारी कर्मचारी या अधिकारी रिश्वत मांगता है या जबरन पैसे लेने की कोशिश करता है, तो इसकी जानकारी दी जा सकती है। इसके लिए विभाग का हेल्पलाइन नंबर 9836233891 जारी किया गया है। लोग अपनी शिकायत या भ्रष्टाचार से जुड़ी जानकारी [acb-wb@nic.in](mailto:acb-wb@nic.in) पर ईमेल के जरिए भी भेज सकते हैं। विभाग ने लोगों से शिकायत करते समय घटना से जुड़ी सही और स्पष्ट जानकारी देने की अपील की है। इससे शिकायत की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई में मदद मिल सकती है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता का सहयोग जरूरी
भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को सिर्फ सरकार या किसी एक विभाग तक सीमित नहीं रखा जा सकता। भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने माना है कि इस लड़ाई में आम लोगों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण है। अगर सरकारी दफ्तर में रिश्वत मांगी जाती है और लोग उसकी जानकारी देते हैं, तो दोषियों पर कार्रवाई का रास्ता खुलता है। इसीलिए विभाग ने लोगों से भ्रष्टाचार की घटनाओं को नजरअंदाज न करने की अपील की है। समय पर मिली सूचना सरकारी व्यवस्था को ज्यादा जवाबदेह बनाने में मदद कर सकती है। विभाग का संदेश है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने में जनता की भागीदारी सबसे अहम है।
लक्ष्य- पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त पश्चिम बंगाल
भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने लोगों से मिलकर एक पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त पश्चिम बंगाल बनाने की अपील की है। विभाग ने ईमानदारी, निष्पक्षता और जवाबदेही को अपनी कार्यप्रणाली के प्रमुख सिद्धांतों में शामिल किया है। सरकारी कामकाज में अगर रिश्वतखोरी, धमकी या जबरन वसूली जैसी स्थिति सामने आती है, तो उसकी जानकारी संबंधित विभाग तक पहुंचाना जरूरी है। लोगों को भरोसा दिया गया है कि प्राप्त जानकारी को गोपनीय रखा जाएगा और कानून के मुताबिक उचित कार्रवाई की जाएगी। अब विभाग की कोशिश है कि लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ खुलकर सामने आएं और अपनी शिकायत दर्ज कराएं। साफ संदेश है कि सरकार और जनता मिलकर ही भ्रष्टाचार पर प्रभावी तरीके से लगाम लगा सकते हैं।