पश्चिम बंगाल विधानसभा के आम चुनाव 2026 से पहले मतदान कर्मियों के प्रशिक्षण के दौरान विवाद की घटना सामने आई है। मामला नदिया जिले के रानाघाट स्थित देवनाथ हाई स्कूल का है, जहां प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
बताया जा रहा है कि प्रशिक्षण सत्र के दौरान स्क्रीन पर मुख्यमंत्री Mamata Banerjee की तस्वीर दिखाई जा रही थी, जिसका एक मतदान कर्मी ने विरोध किया। मतदान कर्मी का नाम सौकत चटर्जी बताया जा रहा है।
सौकत चटर्जी के अनुसार, वे चुनावी प्रशिक्षण के लिए पहुंचे थे, लेकिन वहां राजनीतिक तस्वीरें दिखाना चुनावी नियमों के खिलाफ है। उन्होंने इसका विरोध किया, जिसमें कुछ अन्य लोग भी उनके साथ शामिल हुए।
आरोप है कि विरोध करने पर वहां मौजूद Trinamool Congress (टीएमसी) के एक कार्यकर्ता ने उन पर हमला कर दिया और उनका सिर फोड़ दिया।
सौकत चटर्जी का बयान
सौकत चटर्जी ने कहा:- “मैं यहां चुनाव की ट्रेनिंग के लिए आया था, लेकिन स्क्रीन पर ममता बनर्जी की तस्वीर दिखाई जा रही थी। मैंने इसका विरोध किया और कहा कि यह चुनावी नियमों का उल्लंघन है। जब मैंने वहां मौजूद कर्मियों का पहचान पत्र देखने की कोशिश की, तो एक व्यक्ति ने मुझे धमकी दी कि बाहर निकल जाओ, तुम्हारा समय आ गया है। विरोध करने पर मुझ पर हमला किया गया और मेरा सिर फोड़ दिया गया।”
उन्होंने आगे कहा कि अगर इस तरह से चुनाव कराए जाएंगे तो निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं है। उन्होंने राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग भी उठाई और कहा कि ऐसी स्थिति में कई मतदान कर्मियों की जान को खतरा हो सकता है।