कोलकाता: पश्चिम बंगाल में निजी ब्लड बैंकों की कार्यप्रणाली पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। सॉल्ट लेक स्थित स्वास्थ्य भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखोपाध्याय ने बताया कि राज्य के कई निजी ब्लड बैंकों पर छापेमारी की गई है और जांच लगातार जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।
एक ब्लड बैंक बंद, 11 को कारण बताओ नोटिस
स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी दी कि अब तक 11 निजी ब्लड बैंकों को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है। वहीं हेल्थ प्वाइंट ब्लड बैंक को बंद करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि अन्य संस्थानों की भी जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
रक्तदान के नाम पर नियमों के उल्लंघन का आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री ने कहा कि कुछ ब्लड बैंकों में निर्धारित सीमा से अधिक रक्त संग्रह किए जाने के संकेत मिले हैं। एक मामले में केवल 49 यूनिट रक्त संग्रह की अनुमति होने के बावजूद अधिक रक्त लेने का आरोप सामने आया है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।
'फ्री' कूपन और कथित अनियमितताओं पर सवाल
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि जांच के दौरान कुछ स्थानों पर "फ्री" लिखे पोस्टर और कूपन मिले, जिन पर सुजीत बोस और तापस चटर्जी के नाम भी दर्ज थे। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जाएगा कि रक्तदाताओं को नियमों से हटकर क्या दिया जा रहा था। उन्होंने दोहराया कि नियमों के अनुसार रक्तदाताओं को केवल फूल या हल्का जलपान ही दिया जा सकता है।
रक्त तस्करी और करोड़ों के भ्रष्टाचार की जांच
शारद्वत मुखोपाध्याय ने दावा किया कि प्रारंभिक जानकारी के आधार पर मामला सैकड़ों करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि रक्त को दूसरे राज्यों में भेजे जाने और संभावित तस्करी के आरोपों की भी जांच की जाएगी।
अन्य एजेंसी को जांच सौंपने के संकेत
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उन्हें जो जानकारियां मिल रही हैं, उनमें कुछ बातें उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर भी हो सकती हैं। ऐसे में वह मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर जांच किसी अन्य सक्षम एजेंसी को सौंपने पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में और भी छापेमारी होगी।