छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026–27 का बजट पेश कर दिया है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी साय सरकार का तीसरा बजट सदन में रखा। बजट पेश करने से पहले उन्होंने अपने बंगले में स्थित मंदिर में पूजा-अर्चना की, जहां उनकी पत्नी अदिति चौधरी भी मौजूद रहीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस बार का बजट महिलाओं के लिए विशेष रूप से अहम रहेगा। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के अंदरूनी क्षेत्रों में आवागमन सुविधा बढ़ाने के लिए बस सेवा शुरू करने हेतु 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही बूझमाड़ और जगरगुंडा क्षेत्र में दो एजुकेशन सिटी विकसित करने की योजना है, जिससे दूरस्थ आदिवासी इलाकों में शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय युवाओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बस्तर में सुरक्षा और विश्वास की ओर एक और बड़ी पहल की है। उन्होंने 1,500 बस्तर फाइटर्स के पदों का सृजनमें सुरक्षा और विश्वास की घोषणा की है।
इंद्रावती में मटनार और देउरगांव में 24 करोड़ की लागत से बैराज निर्माण के साथ 68 करोड़ की स्वीकृति की गई है। आयुष्मान योजना के लिए 1500 करोड़ रुपये की घोषणा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान। छत्तीसगढ़ में 250 महतारी सदन निर्माण के लिए 75 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मैनपाट और जशपुर के कोतेबेरा क्षेत्र में पर्यटन स्थलों के विकास के लिए भी बजट में राशि तय की गई है। रायपुर में खाद परीक्षण लैब का निर्माण कराया जाएगा, जबकि कांकेर, कोरबा और महासमुंद में नर्सिंग कॉलेज खोले जाएंगे, जिससे स्वास्थ्य शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
इसके अलावा मेकाहारा अस्पताल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मितानिन कल्याण निधि के लिए 350 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जिससे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को लाभ मिलेगा। इन घोषणाओं के जरिए महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य सुविधाओं और पर्यटन विकास को एक साथ आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया है।
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