वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने अमेरिका के नेतृत्व में किए जा रहे सत्ता परिवर्तन के दावों को खारिज करते हुए साफ कहा है कि देश पूरी तरह अपनी सरकार द्वारा संचालित है और किसी विदेशी शक्ति का हस्तक्षेप नहीं है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन बयानों का भी विरोध किया, जिनमें वेनेजुएला में संक्रमणकालीन शासन व्यवस्था की बात कही गई थी।
विदेशी हस्तक्षेप के आरोपों को बताया झूठ
राज्य संचालित चैनल VTV पर जारी बयान में डेल्सी रोड्रिगेज ने दो टूक कहा कि वेनेजुएला की जनता और उसकी वैध सरकार ही देश का संचालन कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी बाहरी ताकत को देश पर नियंत्रण का अधिकार नहीं है और न ही ऐसा कुछ जमीन पर हो रहा है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब ट्रंप प्रशासन लगातार दावा कर रहा है कि वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया चल रही है और अमेरिका को वहां “पूर्ण पहुंच” चाहिए।
मादुरो की गिरफ्तारी के बाद देशभर में प्रदर्शन
रोड्रिगेज ने बताया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद वेनेजुएला में भारी जनाक्रोश देखने को मिल रहा है। लोग सड़कों पर उतरकर गिरफ्तार राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस की रिहाई की मांग कर रहे हैं। दोनों को 3 जनवरी को कराकास में हुए अमेरिकी ऑपरेशन के दौरान हिरासत में लिया गया था और फिलहाल न्यूयॉर्क की एक डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। इस घटनाक्रम ने देश की राजनीतिक स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया है।
वैधता पर उठ रहे सवाल भी आए सामने
जहां एक ओर रोड्रिगेज सत्ता पलट के दावों को झूठ बता रही हैं, वहीं उनकी कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में वैधता भी सवालों के घेरे में है। विपक्षी नेता और नोबेल पुरस्कार विजेता मारिया कोरिना माचाडो ने उन पर भ्रष्टाचार, मानवाधिकार उल्लंघन और रूस व ईरान से करीबी संबंधों के आरोप लगाए हैं। इस कारण देश की आंतरिक राजनीति में अविश्वास और ध्रुवीकरण और बढ़ गया है।
राष्ट्रीय शोक और शांति की अपील
अमेरिकी हमले में मारे गए लोगों की याद में रोड्रिगेज ने सात दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ये वे युवा थे जिन्होंने देश और राष्ट्रपति मादुरो की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर किए। उन्होंने जोर देकर कहा कि वेनेजुएला युद्ध नहीं चाहता और न ही उसने किसी पर हमला किया है, बल्कि वह खुद हमले का शिकार हुआ है। उनके अनुसार देश शांति और संप्रभुता के साथ आगे बढ़ना चाहता है।
प्रतिबंधित तेल को लेकर नया विवाद
इस बीच ट्रंप प्रशासन ने दावा किया है कि वेनेजुएला की अंतरिम अथॉरिटी अमेरिका को 30 से 50 मिलियन बैरल प्रतिबंधित तेल सौंपेगी, जिसकी बिक्री और राजस्व पर अमेरिका का नियंत्रण रहेगा। इससे वेनेजुएला में अमेरिकी मंशा पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं और यह मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने वाला है।
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