रायपुर। अमित जोगी, प्रदेश अध्यक्ष जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने आज लोक भवन पहुंचकर छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित धर्मांतरण कानून का कड़ा विरोध किया। इस दौरान उन्होंने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा और विधेयक की प्रति जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
अमित जोगी ने इस विधेयक को लोगों की आस्था पर सीधा प्रहार बताते हुए कहा कि यह कानून नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन करता है। उन्होंने कहा कि विधानसभा का सत्र पिछले एक माह से चल रहा है, ऐसे में यदि सरकार को यह कानून लाना ही था तो सत्र की शुरुआत में लाना चाहिए था, ताकि विधायकों को इस पर अध्ययन और विस्तृत चर्चा का पर्याप्त समय मिल पाता।
उन्होंने आरोप लगाया कि सत्र के अंतिम दिन इस प्रकार विधेयक पेश करना सरकार की घबराहट और डर को दर्शाता है।
अमित जोगी ने आगे कहा कि यह प्रस्तावित कानून विशेष रूप से अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के अधिकारों का उल्लंघन करता है। उनके अनुसार, यह केवल धर्मांतरण को नियंत्रित करने का कानून नहीं, बल्कि लोगों की आस्था पर नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास है।
उन्होंने यह भी कहा कि विधेयक में “प्रलोभन” की परिभाषा को अत्यधिक व्यापक कर दिया गया है, जिसमें सेवा, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को भी शामिल कर दिया गया है, जो कि चिंताजनक है।
Comments (0)