अमेरिका के कई हिस्सों में कोविड-19 संक्रमण के मामलों में एक बार फिर बढ़ोतरी के संकेत सामने आए हैं। संक्रमण का यह उभार पहले की महामारी लहरों की तुलना में फिलहाल कम स्तर पर बताया जा रहा है, लेकिन विशेषज्ञों ने इसे नजरअंदाज न करने की सलाह दी है। रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र यानी सीडीसी के अनुसार देश के अधिकांश राज्यों में संक्रमण बढ़ रहा है या आने वाले समय में बढ़ने की संभावना बनी हुई है। गर्मियों के अंतिम दौर और मौसम में होने वाले बदलाव के बीच संक्रमण की मौसमी गतिविधि फिर तेज होती दिखाई दे रही है, जिससे स्वास्थ्य एजेंसियों की निगरानी बढ़ गई है।
दक्षिण और पश्चिमी राज्यों से दिखने लगी संक्रमण की नई लहर
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार संक्रमण में बढ़ोतरी पहले अमेरिका के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों के कुछ क्षेत्रों में दिखाई दी। जुलाई के दौरान कुछ राज्यों में कोविड संक्रमण की गतिविधि बढ़ने लगी थी, जिसके बाद जुलाई के अंतिम सप्ताह और अगस्त की शुरुआत तक इसका दायरा अधिक व्यापक होता दिखाई दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमण की यह वृद्धि अभी अपेक्षाकृत कम आधार स्तर से शुरू हुई है, इसलिए मामलों की संख्या को पिछली बड़ी महामारी लहरों से सीधे तुलना करना उचित नहीं होगा। इसके बावजूद वायरस के प्रसार की गति और संवेदनशील लोगों पर इसके संभावित प्रभाव को देखते हुए स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सीवेज निगरानी में कोरोना वायरस की बढ़ती मौजूदगी
कोविड संक्रमण की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए अब सीवेज निगरानी भी महत्वपूर्ण माध्यम बन गई है। समुदायों के अपशिष्ट जल के नमूनों की जांच के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जाता है कि किसी क्षेत्र में वायरस की मौजूदगी किस स्तर पर है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अगस्त में कोरोना वायरस की गतिविधि में जुलाई की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से जुड़े निगरानी कार्यक्रम के आंकड़ों में अगस्त के दौरान वायरस की सांद्रता में करीब 105 प्रतिशत की बढ़ोतरी का संकेत मिला है। यह वृद्धि बताती है कि संक्रमण का प्रसार केवल दर्ज किए गए परीक्षणों तक सीमित नहीं हो सकता और समुदाय स्तर पर वायरस की सक्रियता बढ़ रही है।
हवाई और मिसिसिपी में संक्रमण गतिविधि पर विशेष नजर
सीवेज परीक्षण से प्राप्त आंकड़ों में हवाई और मिसिसिपी जैसे राज्यों में कोविड वायरस की गतिविधि बढ़ने के संकेत मिले हैं। इसके अलावा कैलिफोर्निया, फ्लोरिडा, टेक्सास और वॉशिंगटन में भी देश के कई अन्य हिस्सों की तुलना में वायरस की मौजूदगी अधिक दर्ज की गई है। अलग-अलग राज्यों में संक्रमण की स्थिति समान नहीं है और स्थानीय स्तर पर वायरस के प्रसार, जनसंख्या व्यवहार तथा स्वास्थ्य निगरानी की व्यवस्था के आधार पर अंतर देखा जा सकता है। विशेषज्ञ इसलिए राष्ट्रीय औसत के साथ-साथ क्षेत्रीय आंकड़ों को भी महत्वपूर्ण मानते हैं, ताकि संक्रमण के संभावित केंद्रों की पहचान समय रहते की जा सके।
कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों के लिए बनी रह सकती है गंभीर चुनौती
विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही संक्रमण की यह नई वृद्धि पिछली महामारी लहरों जितनी गंभीर न हो, लेकिन बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा क्षमता वाले लोगों के लिए कोविड अब भी गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। ऐसे लोगों में संक्रमण के बाद अस्पताल में भर्ती होने या जटिलताएं बढ़ने का जोखिम अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि कोविड को केवल मामलों की कुल संख्या के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह भी महत्वपूर्ण है कि संक्रमण किन समूहों में फैल रहा है और गंभीर बीमारी की दर क्या है। संवेदनशील आबादी की सुरक्षा के लिए समय पर परीक्षण, चिकित्सकीय सलाह और उपलब्ध निवारक उपायों पर ध्यान देना आवश्यक बना हुआ है।
मौसमी लहरों के पीछे क्या हो सकते हैं कारण
कोविड-19 अब कई देशों में एक ऐसी संक्रामक बीमारी के रूप में भी देखा जा रहा है, जिसकी गतिविधि समय-समय पर मौसमी लहरों के रूप में बढ़ सकती है। लोगों की यात्रा, बंद स्थानों में अधिक समय बिताना, वायरस के नए स्वरूपों का प्रसार और संक्रमण के प्रति समय के साथ कम होती प्रतिरक्षा जैसे कारक मामलों में वृद्धि को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि किसी एक कारण को नई लहर के लिए जिम्मेदार ठहराना आसान नहीं है, क्योंकि संक्रमण का पैटर्न अलग-अलग क्षेत्रों में अलग हो सकता है। वैज्ञानिक संस्थाएं वायरस की सक्रियता, संभावित नए स्वरूपों और गंभीर मामलों की संख्या पर निगरानी रखकर संक्रमण की वास्तविक दिशा को समझने का प्रयास करती हैं।
सीवेज जांच क्यों बन गई है महत्वपूर्ण संकेतक
महामारी के शुरुआती वर्षों की तुलना में अब बड़ी संख्या में लोग कोविड के लिए नियमित जांच नहीं कराते, जिससे केवल दर्ज मामलों के आधार पर संक्रमण की वास्तविक स्थिति समझना कठिन हो सकता है। ऐसे में अपशिष्ट जल की निगरानी वायरस के सामुदायिक प्रसार का एक उपयोगी संकेतक बनकर उभरी है। यदि किसी क्षेत्र के सीवेज नमूनों में वायरस की मात्रा बढ़ती है तो यह संकेत हो सकता है कि वहां संक्रमण फैल रहा है, भले ही सभी संक्रमित लोग परीक्षण न करा रहे हों। हालांकि सीवेज में वायरस की बढ़ती मात्रा को सीधे अस्पताल में भर्ती होने या गंभीर बीमारी की संख्या के बराबर नहीं माना जा सकता, लेकिन यह संक्रमण की दिशा को समझने में महत्वपूर्ण प्रारंभिक संकेत देता है।
क्या फिर महामारी जैसी स्थिति बन सकती है?
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर अमेरिका में कोविड संक्रमण में बढ़ोतरी को पिछली महामारी जैसी व्यापक और गंभीर स्थिति के रूप में नहीं देखा जा रहा है। संक्रमण का स्तर पूर्व की बड़ी लहरों की तुलना में कम आधार से बढ़ रहा है, लेकिन विशेषज्ञों की चिंता मुख्य रूप से संवेदनशील आबादी की सुरक्षा और संक्रमण के बदलते रुझान को लेकर है। किसी भी नई लहर की गंभीरता का आकलन केवल संक्रमण बढ़ने से नहीं, बल्कि अस्पताल में भर्ती होने, गंभीर मामलों और मृत्यु दर जैसे संकेतकों के आधार पर किया जाता है। आने वाले दिनों में स्वास्थ्य एजेंसियों के ताजा आंकड़े अधिक स्पष्ट करेंगे कि यह वृद्धि सीमित मौसमी उभार है या इसका प्रभाव अधिक व्यापक होने वाला है।
बदलते संक्रमण रुझान के बीच सतर्कता की जरूरत
अमेरिका में कोविड की गतिविधि बढ़ने की खबर एक बार फिर यह याद दिलाती है कि वायरस पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और इसके प्रसार में समय-समय पर उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। संक्रमण बढ़ने वाले क्षेत्रों में स्थानीय स्वास्थ्य एजेंसियों की सलाह पर ध्यान देना और विशेष रूप से बुजुर्गों तथा गंभीर बीमारी के अधिक जोखिम वाले लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों के लिए भी सीवेज निगरानी, संक्रमण के आंकड़े और अस्पतालों की स्थिति इस नई मौसमी लहर की वास्तविक गंभीरता समझने के प्रमुख आधार बने रहेंगे। आने वाले सप्ताह यह तय करने में महत्वपूर्ण होंगे कि अमेरिका में कोविड की यह बढ़ती गतिविधि कितनी व्यापक और लंबे समय तक रहने वाली साबित होती है।