ब्लैक सी और उससे सटे समुद्री क्षेत्रों में लगातार बिगड़ते सुरक्षा हालात के बीच भारत सरकार ने भारतीय नागरिकों, विशेष रूप से समुद्री क्षेत्र में कार्यरत नाविकों और रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि संघर्ष प्रभावित समुद्री क्षेत्रों में वाणिज्यिक जहाजों पर कार्य करना वर्तमान परिस्थितियों में अत्यधिक जोखिमपूर्ण हो सकता है। हाल के दिनों में ऐसे जहाजों पर हुए हमलों में पांच भारतीय नागरिकों की मृत्यु के बाद सरकार ने यह सलाह जारी करते हुए सभी भारतीयों से किसी भी रोजगार प्रस्ताव को स्वीकार करने से पहले सुरक्षा संबंधी सभी पहलुओं का गंभीरता से मूल्यांकन करने का आग्रह किया है।
संघर्ष प्रभावित समुद्री क्षेत्रों में नौकरी से पहले जोखिम का करें आकलन
विदेश मंत्रालय की एडवाइजरी में कहा गया है कि जो भारतीय नागरिक संघर्ष वाले समुद्री क्षेत्रों में संचालित अथवा वहां से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों पर नौकरी करना चाहते हैं, उन्हें किसी भी नियुक्ति को स्वीकार करने से पहले वहां की वास्तविक सुरक्षा परिस्थितियों का विस्तृत आकलन करना चाहिए। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान समय में इन क्षेत्रों में सैन्य गतिविधियां और सुरक्षा जोखिम लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में केवल रोजगार के अवसर को ध्यान में रखकर निर्णय लेने के बजाय संभावित खतरों, यात्रा मार्ग और आपातकालीन परिस्थितियों का भी गंभीरता से मूल्यांकन करना आवश्यक है।
लगातार हमलों के बाद सरकार ने बढ़ाई सतर्कता
सरकार की यह एडवाइजरी ऐसे समय जारी की गई है, जब पिछले कुछ दिनों के भीतर ब्लैक सी क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों में पांच भारतीय नागरिकों की जान जा चुकी है। हालिया घटना में एक भारतीय नाविक की मृत्यु हुई, जबकि इससे पहले हुए एक अन्य हमले में चार भारतीयों की मौत हो गई थी। इन घटनाओं ने समुद्री सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न कर दी है। केंद्र सरकार ने निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने वाली इन घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया है कि समुद्री परिवहन से जुड़े भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मिसाइल और ड्रोन हमलों से बढ़ा समुद्री मार्गों पर खतरा
विदेश मंत्रालय ने अपनी एडवाइजरी में कहा है कि ब्लैक सी और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में जारी संघर्ष के कारण सुरक्षा स्थिति अत्यंत अस्थिर बनी हुई है। इन समुद्री मार्गों से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों को मिसाइल और ड्रोन हमलों सहित अनेक प्रकार के सुरक्षा खतरों का सामना करना पड़ रहा है। मंत्रालय के अनुसार अप्रैल 2026 से ऐसी घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यही कारण है कि सरकार ने समुद्री क्षेत्र में कार्यरत भारतीय नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने और जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से पहले सभी आवश्यक जानकारियां प्राप्त करने की अपील की है।
रोजगार स्वीकार करने से पहले इन बातों की करें पुष्टि
सरकार ने भारतीय नाविकों को सलाह दी है कि वे जहाज के स्वामियों अथवा परिचालन कंपनियों से यात्रा मार्ग, निर्धारित बंदरगाहों, सुरक्षा प्रबंधों, बीमा सुरक्षा तथा आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली कार्यप्रणाली के संबंध में पूरी जानकारी प्राप्त करें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि रोजगार की सभी शर्तें अंतरराष्ट्रीय समुद्री मानकों के अनुरूप हों। एडवाइजरी में विशेष रूप से कहा गया है कि किसी भी आपात स्थिति में चिकित्सा सुविधा, सुरक्षित निकासी, स्वदेश वापसी तथा मुआवजा संबंधी प्रावधान स्पष्ट रूप से उपलब्ध होने चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी जानकारी भविष्य में संभावित संकट की स्थिति में महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच साबित हो सकती है।
परिवार और भारतीय दूतावास से संपर्क बनाए रखने की सलाह
विदेश मंत्रालय ने भारतीय नाविकों से यह भी आग्रह किया है कि वे अपनी यात्रा और कार्यस्थल की जानकारी अपने परिवार के सदस्यों के साथ नियमित रूप से साझा करते रहें तथा उनसे लगातार संपर्क बनाए रखें। यदि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति उत्पन्न होती है या कांसुलर सहायता की आवश्यकता पड़ती है, तो संबंधित देश में स्थित भारतीय दूतावास अथवा वाणिज्य दूतावास से तत्काल संपर्क करने की सलाह दी गई है। सरकार ने दोहराया है कि विदेशों में कार्यरत भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कूटनीतिक और कांसुलर सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। वर्तमान परिस्थितियों में सतर्कता, सही जानकारी और समय पर लिया गया निर्णय ही समुद्री क्षेत्र में कार्यरत भारतीय नागरिकों की सुरक्षा का सबसे प्रभावी माध्यम माना जा रहा है।