भोपाल। भारतीय रेलवे देशभर में रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण के लिए तेजी से काम कर रहा है। इसी कड़ी में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत मध्यप्रदेश के कई प्रमुख रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है। योजना का उद्देश्य रेलवे स्टेशनों को केवल यात्रा का केंद्र नहीं, बल्कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त बहुउद्देशीय "सिटी सेंटर" के रूप में विकसित करना है, जहां यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें।भोपाल मंडल सहित प्रदेश के कई स्टेशनों पर पुनर्विकास कार्य तेजी से चल रहा है। इन स्टेशनों पर आधुनिक वास्तुकला, बेहतर यात्री सुविधाएं और अत्याधुनिक तकनीक का समावेश किया जा रहा है, जिससे यात्रा अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और आरामदायक बन सके।
भोपाल मंडल के 15 स्टेशनों का होगा कायाकल्प
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत भोपाल मंडल के कुल 15 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इनमें विदिशा, सांची, ओरछा, संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़), गुना, इटारसी सहित कई महत्वपूर्ण स्टेशन शामिल हैं।इन स्टेशनों को स्थानीय संस्कृति और आधुनिक डिज़ाइन के समन्वय के साथ विकसित किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाओं के साथ-साथ क्षेत्रीय पहचान की भी झलक मिल सके।
फूड कोर्ट से लेकर ड्राइव-इन सिनेमा तक मिलेंगी सुविधाएं
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्टेशनों पर कई नई सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इनमें
आधुनिक फूड कोर्ट
गेमिंग जोन
डिजिटल एक्सपीरियंस सेंटर
ड्राइव-इन सिनेमा
विशाल प्रतीक्षालय
हाईटेक टिकटिंग सुविधाएं
लिफ्ट और एस्केलेटर
इंटीग्रेटेड पार्किंग
मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी
चौड़े फुट ओवर ब्रिज (FOB)
19 जुलाई को प्रधानमंत्री करेंगे लोकार्पण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 जुलाई को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर के 80 आधुनिक रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण करेंगे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के भी कई स्टेशन औपचारिक रूप से जनता को समर्पित किए जाएंगे।कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मध्यप्रदेश के राज्यपाल और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कई जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।
मध्यप्रदेश के 13 स्टेशन होंगे शामिल
भोपाल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक ने बताया कि देशभर में जिन स्टेशनों का लोकार्पण किया जाएगा, उनमें मध्यप्रदेश के 13 रेलवे स्टेशन भी शामिल हैं। इनमें विदिशा, सांची, अशोकनगर, छतरपुर और छिंदवाड़ा जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल हैं।उन्होंने बताया कि स्टेशनों का निर्माण भविष्य की आवश्यकताओं और बढ़ती यात्री संख्या को ध्यान में रखकर किया गया है।
दिव्यांगजनों और परिवारों के लिए विशेष सुविधाएं
रेलवे ने स्टेशन पुनर्विकास में दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिकों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया है। स्टेशनों पर व्हीलचेयर अनुकूल मार्ग, लिफ्ट, एस्केलेटर और सुगम आवागमन की व्यवस्था की गई है।इसके अलावा बेबी फीडिंग रूम, स्वच्छ शौचालय, आधुनिक प्रतीक्षालय, डिजिटल सूचना प्रणाली और यात्रियों के लिए बेहतर बैठने की व्यवस्था भी विकसित की गई है।
कमर्शियल स्पेस और सिटी सेंटर की अवधारणा
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशनों को केवल परिवहन केंद्र नहीं, बल्कि व्यावसायिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। इसके लिए स्टेशनों पर कमर्शियल स्पेस, रिटेल आउटलेट, फूड प्लाजा और अन्य सुविधाएं तैयार की जा रही हैं।रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इन स्टेशनों का विकास यूरोपीय मानकों की तर्ज पर किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को आधुनिक, सुरक्षित और विश्वस्तरीय सुविधाओं का लाभ मिल सके।
दूसरे चरण में होगा और विस्तार
रेलवे ने बताया कि परियोजना के दूसरे चरण में स्टेशनों के दूसरे प्रवेश द्वार, अतिरिक्त पार्किंग, आसपास के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण और अन्य यात्री सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा।
रेलवे का मानना है कि अमृत भारत स्टेशन योजना से न केवल यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलेगा, बल्कि स्थानीय व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलेगी। यह योजना भारतीय रेलवे को आधुनिक, स्मार्ट और भविष्य के अनुरूप बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।