डबरा। ग्वालियर जिले की डबरा नगर पालिका में पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद बढ़ गया है। बुधवार को नगर पालिका अध्यक्ष लक्ष्मी देवी, उपाध्यक्ष सतेंद्र दुबे समेत भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में सामूहिक इस्तीफा देने की बात कही। करीब 30 पार्षदों ने इस्तीफा दिया है। पार्षदों ने डबरा सिटी थाने के बाहर धरना दिया। इस दौरान उनकी एसडीओपी सौरभ कुमार के साथ तीखी बहस भी हुई। मामला बढ़ने पर देर रात पूर्व मंत्री इमरती देवी थाने पहुंचीं और पार्षदों से बातचीत कर धरना खत्म कराया।
छह पार्षदों को नोटिस मिलने के बाद बढ़ा विवाद
विवाद की शुरुआत वार्ड नंबर 13 के पार्षद हीरा सिंह से जुड़े मामले से हुई। पार्षदों ने थाने में FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर पहले भी प्रदर्शन किया था। इस दौरान झाड़ू लगाकर विरोध जताया गया था।इसके बाद पुलिस ने छह पार्षदों के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी किए। नोटिस मिलने के बाद पार्षद एक बार फिर थाने पहुंचे और पुलिस कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया।
थाने के बाहर देर रात तक धरना
पार्षदों ने पुलिस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए थाने के बाहर धरना दिया। वे देर रात तक मौके पर बैठे रहे और जमीन पर बैठकर खाना भी खाया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारियों और पार्षदों के बीच कई बार बहस की स्थिति बनी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयराज कुबेर भी पार्षदों से बातचीत के लिए पहुंचे, लेकिन पार्षदों ने उनकी बात सुनने से इनकार कर दिया। इसके बाद वे वहां से चले गए।
इमरती देवी के पहुंचने पर खत्म हुआ धरना
मामले की जानकारी मिलने के बाद पूर्व मंत्री इमरती देवी देर रात डबरा सिटी थाने पहुंचीं। उन्होंने धरने पर बैठे पार्षदों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं।इमरती देवी ने कहा कि पार्षदों पर की गई पुलिस कार्रवाई गलत तरीके से हुई है। उन्होंने बताया कि उनकी जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव से बात हुई है और एसपी डबरा आकर पार्षदों की बात सुनेंगे। इसके बाद पार्षदों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।