मध्यप्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में दमोह-कटनी मार्ग से जुड़ा बड़ा प्रस्ताव सामने आया है। स्टेट हाईवे-63 के इस हिस्से को फोरलेन में विकसित किया जाएगा। वर्तमान में यह मार्ग टू-लेन है।मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 105 किलोमीटर लंबे इस मार्ग से जुड़े प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।
डेढ़ घंटे तक कम हो सकता है यात्रा का समय
फोरलेन बनने के बाद दमोह और कटनी के बीच आवागमन पहले की तुलना में तेज और सुगम होने की उम्मीद है। इस सड़क के चौड़ीकरण से यात्रा का समय करीब डेढ़ घंटे तक कम हो सकता है। मौजूदा टू-लेन मार्ग पर भारी वाहनों के कारण कई जगह यातायात दबाव और जाम की स्थिति बनने की बात सामने आई है। फोरलेन निर्माण के बाद यातायात को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलने और दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद जताई गई है।
विंध्य विकास पथ परियोजना का हिस्सा
दमोह-कटनी फोरलेन परियोजना को विंध्य विकास पथ प्रोजेक्ट के तहत विकसित किया जाएगा। यह मार्ग सागर-दमोह-कटनी कॉरिडोर का हिस्सा है।परियोजना के पूरा होने से बुंदेलखंड और महाकौशल क्षेत्र के बीच सड़क कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है।
हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर होगा निर्माण
परियोजना को Hybrid Annuity Model (HAM) के तहत विकसित करने का प्रस्ताव है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक निर्माण अवधि में परियोजना लागत का 40 प्रतिशत हिस्सा दिया जाएगा, जबकि शेष 60 प्रतिशत राशि का भुगतान 15 वर्षों की अवधि में किस्तों, ब्याज और रखरखाव लागत के साथ किया जाएगा।यह मॉडल मध्यप्रदेश में सड़क अधोसंरचना परियोजनाओं के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। राज्य के बजट दस्तावेज में भी सड़क परियोजनाओं के लिए हाइब्रिड एन्युटी मॉडल अपनाने का उल्लेख है।
जमीन अधिग्रहण और पुनर्वास के लिए ₹344.10 करोड़
105.01 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट में भूमि अधिग्रहण और प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए ₹344.10 करोड़ का प्रावधान बताया गया है।इसके अलावा परियोजना के करीब 4.7 किलोमीटर हिस्से में वन क्षेत्र आने की जानकारी है। वन भूमि डायवर्जन और पर्यावरणीय मंजूरियों से संबंधित कार्यों के लिए ₹44.19 करोड़ का प्रावधान बताया गया है।