भोपाल। दीपावली के त्योहार पर भोपाल के बाजारों में खरीदारी का उत्साह बना हुआ है, लेकिन खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों का बजट बिगाड़ दिया है। दाल, चावल, आटा, मैदा, सूजी, प्याज और ड्राई फ्रूट्स के दामों में तेजी आने से इस बार त्योहार पर घरों में बनने वाले पकवानों से लेकर मिठाई और नमकीन तक महंगे हो सकते हैं। तुअर दाल 12 रुपए, बासमती चावल 14 रुपए प्रति किलो तक महंगा हुआ है, जबकि ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में 20 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
दालों की कीमतों में 12 रुपए प्रति किलो तक बढ़ोतरी
भोपाल थोक चावल-दाल एसोसिएशन के अध्यक्ष महेश रामरखवानी के मुताबिक, दालों के बाजार में तेजी बनी हुई है। तुअर दाल के भाव में करीब 8 से 12 रुपए प्रति किलो, हरी मूंग में 8 से 10 रुपए और चना दाल में 6 से 8 रुपए प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है। दालें रोजमर्रा के भोजन का अहम हिस्सा हैं। ऐसे में इनकी कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर घरेलू बजट पर पड़ रहा है। दीपावली के दौरान मेहमानों की आवाजाही और खाने-पीने की तैयारियों के चलते दालों की खपत भी बढ़ जाती है।
बासमती चावल 14 रुपए प्रति किलो तक महंगा
चावल की कीमतों में भी तेजी देखने को मिल रही है। महेश रामरखवानी के अनुसार, पिछले करीब एक महीने में दुबराज चावल 8 से 10 रुपए प्रति किलो तक महंगा हुआ है। वहीं, बासमती चावल के भाव में 12 से 14 रुपए प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है। दीपावली पर घरों में पुलाव, बिरयानी और अन्य खास पकवान बनाए जाते हैं। ऐसे में चावल की बढ़ती कीमतों से त्योहार के खाने का बजट भी प्रभावित हो रहा है।
ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में 20 से 30 प्रतिशत का उछाल
सूखे मेवों के बाजार में भी महंगाई का असर साफ दिखाई दे रहा है। थोक व्यापारी किशोर राजदेव के मुताबिक, काजू, बादाम, किशमिश, पिस्ता सहित अन्य ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में करीब 20 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। दीपावली पर मिठाइयों, गिफ्ट पैक और घर में बनने वाले पकवानों में सूखे मेवों का इस्तेमाल बढ़ जाता है। मिठाई कारोबारियों को भी अब इनकी खरीदारी के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है। इसका असर मिठाइयों की लागत और ग्राहकों की जेब पर पड़ सकता है।
आटा, मैदा और सूजी के भाव में भी तेजी
दीपावली से पहले आटा, मैदा और सूजी की कीमतें भी बढ़ गई हैं। थोक व्यापारी अभिषेक साहू के अनुसार, आटा करीब 250 रुपए प्रति क्विंटल, मैदा 200 रुपए और सूजी 300 रुपए प्रति क्विंटल तक महंगी हुई है। त्योहार के दौरान घरों में मठरी, नमकीन, मिठाइयां और कई तरह के पकवान बनाए जाते हैं। इनमें इन खाद्य सामग्रियों का इस्तेमाल होता है। कीमतें बढ़ने से घरेलू रसोई के साथ मिठाई और नमकीन कारोबार की लागत भी बढ़ रही है।
प्याज के थोक भाव 50 रुपए प्रति किलो तक पहुंचे
प्याज की कीमतों में भी तेजी बनी हुई है। थोक व्यापारी हसीन भाई के मुताबिक, प्याज के थोक भाव बढ़कर करीब 50 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। प्याज रोजमर्रा के भोजन में इस्तेमाल होने वाली जरूरी वस्तु है। ऐसे में इसकी कीमत बढ़ने से आम परिवारों के मासिक बजट पर असर पड़ रहा है। होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों को भी बढ़ी हुई कीमतों का सामना करना पड़ रहा है।
अल्पवर्षा और मांग-आपूर्ति के अंतर से बढ़े दाम
भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री विवेक साहू के अनुसार, इस साल कई क्षेत्रों में अल्पवर्षा के कारण फसलों की पैदावार और बाजार में आवक प्रभावित हुई है। मांग और आपूर्ति के बीच अंतर बढ़ने से खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी आई है। मध्यप्रदेश में 2026 के मानसून सीजन में सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। हालांकि, प्रदेश के सभी हिस्सों में बारिश की स्थिति एक जैसी नहीं रही। पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से अधिक बारिश हुई, जबकि पश्चिमी हिस्से में बारिश की कमी दर्ज की गई। व्यापारियों के मुताबिक, बारिश की कमी के अलावा बाजार में आवक, मांग, भंडारण और अन्य कारोबारी परिस्थितियां भी कीमतों को प्रभावित करती हैं।
सरकारी प्रयासों से कीमतों में राहत की उम्मीद
खाद्य वस्तुओं की कीमतों में स्थिरता लाने और बाजार में उपलब्धता बनाए रखने के लिए सरकार की ओर से कई कदम उठाए जाते हैं। केंद्र सरकार दालों और प्याज की कीमतों में तेजी को नियंत्रित करने के लिए बफर स्टॉक का इस्तेमाल करती है। जरूरत पड़ने पर इस स्टॉक से बाजार में आपूर्ति की जाती है। इसके अलावा भारत दाल, भारत आटा और भारत चावल जैसी योजनाओं के माध्यम से उपभोक्ताओं को अपेक्षाकृत कम कीमतों पर खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री विवेक साहू को उम्मीद है कि सरकारी प्रयासों और बाजार में आवक बढ़ने से आने वाले दिनों में कीमतों में स्थिरता आएगी और आम उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
महंगाई के बावजूद बाजार में दीपावली की रौनक
खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद भोपाल के बाजारों में दीपावली की खरीदारी का उत्साह बना हुआ है। लोग त्योहार की परंपराओं और घर की जरूरतों के अनुसार खरीदारी कर रहे हैं। हालांकि, इस बार मिठाई, नमकीन और घर में बनने वाले पकवानों पर पहले के मुकाबले ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है। कुल मिलाकर, इस दीपावली पर बाजार में रौनक तो है, लेकिन रसोई का बजट बढ़ गया है। अब लोगों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में खाद्य वस्तुओं की कीमतों में कुछ राहत मिलेगी।