ग्वालियर। इंसान और पशु-पक्षियों के बीच बनने वाला रिश्ता कई बार खून के रिश्तों जितना गहरा हो जाता है। ऐसा ही एक भावुक मामला मध्यप्रदेश के ग्वालियर से सामने आया है, जहां एक परिवार अपने पालतू तोते 'शकुंतला' उर्फ मिट्ठू के बिछड़ने से बेहद परेशान है। चार दिन पहले घर से उड़ जाने के बाद से पूरा परिवार उसकी तलाश में दिन-रात जुटा हुआ है। हालात ऐसे हैं कि परिवार की दादी और छोटी पोती ने ठीक से खाना-पीना भी छोड़ दिया है। वहीं, मिट्ठू को सुरक्षित वापस लाने वाले के लिए 50 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की गई है।
परिवार के सदस्य जैसा था मिट्ठू
ग्वालियर के अलकापुरी-कलेक्ट्रेट रोड स्थित एनजी ग्रांड में रहने वाले अनिल ओझा बताते हैं कि करीब एक वर्ष पहले मिट्ठू उनके घर आया था। शुरुआत में वह एक पालतू पक्षी था, लेकिन समय के साथ वह परिवार का अभिन्न हिस्सा बन गया। घर के हर सदस्य के साथ उसका विशेष लगाव था और वह सभी की आवाज पहचानता था।
परिवार ने कभी भी उसे पिंजरे में बंद नहीं रखा। वह पूरे घर में स्वतंत्र रूप से उड़ता-फिरता था। जैसे ही किसी सदस्य की आवाज सुनाई देती, वह उड़कर उनके कंधे या हाथ पर आकर बैठ जाता था। उसकी शरारतें और चहचहाहट पूरे घर में खुशियों का माहौल बना देती थीं।
एक खुली खिड़की और बिछड़ गया अपना साथी
परिवार के अनुसार, सोमवार को घर की एक खिड़की खुली रह गई थी। इसी दौरान मिट्ठू उड़कर बाहर निकल गया। शुरुआत में सभी को विश्वास था कि वह कुछ देर बाद वापस लौट आएगा, क्योंकि वह पहले भी थोड़ी देर बाहर जाकर घर लौट आता था। लेकिन इस बार घंटों इंतजार के बाद भी वह वापस नहीं आया।जैसे-जैसे समय बीतता गया, परिवार की चिंता बढ़ती चली गई। अब चार दिन गुजर जाने के बाद भी मिट्ठू का कोई पता नहीं चल पाया है।
दादी और पोती सबसे ज्यादा परेशान
मिट्ठू के गायब होने का सबसे अधिक असर परिवार की बुजुर्ग दादी और छोटी पोती पर पड़ा है। दोनों का उससे बेहद भावनात्मक लगाव था। परिवार के सदस्यों का कहना है कि दोनों की दिनचर्या बदल गई है। वे बार-बार दरवाजे और बालकनी की ओर देखते हैं, इस उम्मीद में कि शायद मिट्ठू वापस लौट आए। चिंता के कारण उन्होंने खाना-पीना भी काफी कम कर दिया है।
पूरे शहर में चल रहा खोज अभियान
अपने चहेते मिट्ठू की तलाश में परिवार ने बड़े स्तर पर अभियान शुरू किया है। उसकी तस्वीर वाले पोस्टर शहर के कई इलाकों में लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही ई-रिक्शा के जरिए विभिन्न कॉलोनियों और बाजारों में मुनादी कराई जा रही है, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक जानकारी पहुंच सके।
मुनादी में लोगों से अपील की जा रही है कि यदि किसी को मिट्ठू दिखाई दे या उसके बारे में कोई जानकारी मिले, तो तुरंत परिवार से संपर्क करें। साथ ही उसे सुरक्षित वापस लाने वाले व्यक्ति को 50 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा भी की गई है।
"इनाम नहीं, मिट्ठू की वापसी सबसे बड़ी खुशी"
अनिल ओझा का कहना है कि उनके लिए 50 हजार रुपये की राशि महत्वपूर्ण नहीं है। उनकी सबसे बड़ी इच्छा सिर्फ इतनी है कि मिट्ठू सुरक्षित घर लौट आए। उनका कहना है कि वह कोई साधारण पालतू पक्षी नहीं, बल्कि परिवार का सदस्य है। उसकी कमी पूरे घर में महसूस की जा रही है और जब तक वह वापस नहीं आ जाता, तब तक परिवार की चिंता खत्म नहीं होगी।