भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर कांग्रेस के रुख को सामने रखा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कमलनाथ ने कहा कि वोट चोरी और SIR अब एक गंभीर राष्ट्रीय मुद्दा बन गया है। उन्होंने दावा किया कि देश के नागरिकों के सामने उनका मताधिकार खतरे में पड़ने की स्थिति है।
कमलनाथ बोले- मताधिकार लोकतंत्र की बुनियाद
कमलनाथ ने कहा कि मताधिकार लोकतंत्र की बुनियाद है। उनके मुताबिक अगर नागरिकों का वोट ही सुरक्षित नहीं रहेगा तो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अस्तित्व पर सवाल खड़ा होगा। उन्होंने महात्मा गांधी के नेतृत्व में स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की रक्षा करना जरूरी है।
चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग पर पारदर्शिता के बिना मतदाता सूची में नाम हटाने और जोड़ने के आरोप लगाए। कमलनाथ ने दावा किया कि इस प्रक्रिया के कारण कई नागरिक मताधिकार से वंचित हो सकते हैं और ‘घोस्ट वोटर’ चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं।
राहुल गांधी के समर्थन में कमलनाथ
कमलनाथ ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे पर चलाए जा रहे अभियान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं और उनके मुताबिक यह संघर्ष नागरिकों के बुनियादी अधिकारों से जुड़ा हुआ है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब SIR और मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों का चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध तेज हुआ है। 6 अक्टूबर 2026 को राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसदों ने दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया था, जिसके बाद पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में लिया।
‘हम सब राहुल गांधी के साथ’
कमलनाथ ने अपने बयान में कहा कि राहुल गांधी को न पद की लालसा है और न सत्ता की ख्वाहिश। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का संघर्ष भारत के स्वाभिमान और नागरिकों के बुनियादी अधिकारों से जुड़ा हुआ है। कमलनाथ ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ खड़े हैं।