Dhar Bhojshala Case Update: मध्यप्रदेश के धार स्थित भोजशाला परिसर से जुड़े विवाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शुक्रवार (31 जुलाई) को पहली जुमे की नमाज होनी थी। हालांकि नमाज से पहले ही निर्धारित जमीन को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन द्वारा तय की गई भूमि को खेती योग्य जमीन बताते हुए विरोध दर्ज कराया।
नमाज के लिए तय जमीन पर स्थानीय लोगों का विरोध
प्रशासन और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक में खसरा नंबर 611 (प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार तय स्थान) पर नमाज कराने पर सहमति बनी थी। लेकिन शुक्रवार सुबह कुछ स्थानीय लोगों ने इस फैसले का विरोध करते हुए दावा किया कि यह कृषि भूमि है और यहां नमाज की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। विरोध के बाद प्रशासन ने संबंधित लोगों से जमीन के स्वामित्व और रिकॉर्ड से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है।
प्रशासन ने नमाज स्थल की कराई तैयारी
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में प्रशासन ने जेसीबी मशीन की मदद से नमाज स्थल को समतल कराया, ताकि नमाज अदा करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
30 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था?
30 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका पर सुनवाई करते हुए अपने पहले दिए गए अंतरिम आदेश को स्पष्ट किया था। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि मुस्लिम समुदाय को प्रत्येक शुक्रवार दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक निर्धारित स्थान पर जुमे की नमाज अदा करने की अनुमति दी जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि आवश्यक सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएं राज्य सरकार सुनिश्चित करे।
धार्मिक अधिकारों पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल कानून-व्यवस्था की आशंका के आधार पर किसी समुदाय के धार्मिक अधिकारों पर रोक नहीं लगाई जा सकती। अदालत ने कहा कि शांति और सुरक्षा बनाए रखना राज्य सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है।
वैकल्पिक जमीन पर भी खुला रखा विकल्प
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि हिंदू और मुस्लिम पक्ष आपसी सहमति से किसी अन्य वैकल्पिक स्थान पर सहमत होते हैं, तो अदालत का आदेश उसमें बाधा नहीं बनेगा। हालांकि ऐसी किसी भी व्यवस्था के लिए राज्य सरकार की स्वीकृति आवश्यक होगी।
5 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
भोजशाला विवाद से जुड़े इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई 5 अगस्त 2026 तय की है। उस दिन मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सुनवाई होगी।