भोपाल। मध्य प्रदेश शासन के लोक निर्माण विभाग (PWD) में बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव किए गए हैं। विभागीय कार्यों में तेजी लाने और विकास परियोजनाओं की बेहतर निगरानी के उद्देश्य से कई वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापनाओं के आदेश जारी किए गए हैं। इस फेरबदल के तहत प्रदेश के महत्वपूर्ण परिक्षेत्रों में नए मुख्य अभियंताओं की नियुक्ति की गई है।
गोपाल सिंह को मिली सबसे बड़ी जिम्मेदारी
इस प्रशासनिक फेरबदल में सबसे अहम नियुक्ति गोपाल सिंह की हुई है। उन्हें लोक निर्माण विभाग, भोपाल का नया प्रमुख अभियंता (Chief Engineer) नियुक्त किया गया है। इससे पहले वे मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC), भोपाल में प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं दे रहे थे। शासन ने जनहित में उन्हें मूल विभाग में वापस बुलाकर यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि गोपाल सिंह के लंबे अनुभव का लाभ विभाग की विभिन्न सड़क और अधोसंरचना परियोजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मिलेगा।
भोपाल परिक्षेत्र की कमान एस.पी. वर्मा को
शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार एस.पी. वर्मा को लोक निर्माण विभाग, भोपाल परिक्षेत्र का प्रभारी मुख्य अभियंता नियुक्त किया गया है। वे राजधानी भोपाल सहित आसपास के क्षेत्रों में निर्माण कार्यों की निगरानी और प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालेंगे।
राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र भोपाल में संजय मस्के की तैनाती
संजय मस्के को राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र, भोपाल का प्रभारी मुख्य अभियंता बनाया गया है। वे पहले भोपाल परिक्षेत्र में कार्यरत थे। अब उनके जिम्मे राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ी परियोजनाओं के संचालन और मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी होगी।
आनंद प्रकाश राणे को मिली जबलपुर परिक्षेत्र की जिम्मेदारी
विभागीय फेरबदल के तहत आनंद प्रकाश राणे को जबलपुर परिक्षेत्र का प्रभारी मुख्य अभियंता नियुक्त किया गया है। वे इससे पहले राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र, भोपाल में पदस्थ थे। अब वे महाकौशल क्षेत्र की महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की कमान संभालेंगे।
तत्काल प्रभाव से लागू हुए आदेश
राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। सभी अधिकारियों को अपने नए पदस्थापन स्थल पर जल्द से जल्द कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
विकास परियोजनाओं को मिलेगी नई गति
माना जा रहा है कि लोक निर्माण विभाग में किए गए इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल का उद्देश्य विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता, समयबद्धता और निगरानी व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना है। प्रदेश में सड़क और अधोसंरचना से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाएं वर्तमान में प्रगति पर हैं। ऐसे में यह बदलाव आने वाले समय में विभागीय कार्यों की दिशा और गति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।