भोपाल: मध्यप्रदेश में राज्यसभा उपचुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। नामांकन पत्रों की जांच में कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार राजकुमार लोहानी का पर्चा निरस्त कर दिया गया है। निर्वाचन अधिकारी ने अनिवार्य दस्तावेज फॉर्म-26 जमा नहीं करने के कारण यह कार्रवाई की। वहीं, एक अन्य निर्दलीय उम्मीदवार कांते सायन्ना का नामांकन भी प्रस्तावक नहीं होने के चलते खारिज कर दिया गया।
इस बीच कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने भाजपा उम्मीदवार और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के चुनावी हलफनामे पर तीन आपत्तियां दर्ज कराई हैं। इन आपत्तियों में पत्नी और संपत्ति के विवरण, विदेशी मुद्रा में संपत्ति दर्शाने और नोटरी प्रक्रिया की वैधानिकता से जुड़े सवाल उठाए गए हैं।
कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार राजकुमार लोहानी का पर्चा खारिज
भोपाल के समाजसेवी राजकुमार लोहानी ने राज्यसभा उपचुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया था। कांग्रेस ने उन्हें समर्थन देने की बात कही थी। उनके नामांकन में फॉर्म-26 यानी अनिवार्य शपथ पत्र संलग्न नहीं था।इस फॉर्म में उम्मीदवार की शैक्षणिक योग्यता, संपत्ति और आपराधिक मामलों से संबंधित जानकारी देना जरूरी होता है। आवश्यक दस्तावेज नहीं होने के कारण निर्वाचन अधिकारी ने उनका नामांकन निरस्त कर दिया।इसके अलावा तेलंगाना के उम्मीदवार कांते सायन्ना का नामांकन भी पर्याप्त प्रस्तावक नहीं होने के कारण खारिज कर दिया गया।
हरदीप पुरी को जवाब देने का समय
नामांकन जांच के दौरान निर्वाचन अधिकारी ने हरदीप सिंह पुरी को कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे की ओर से दर्ज कराई गई आपत्तियों का जवाब देने के लिए शाम 5 बजे तक का समय दिया। अब उनके जवाब और निर्वाचन अधिकारी के फैसले पर सबकी नजरें टिकी हैं।
12 नवंबर को होना है राज्यसभा उपचुनाव
मध्यप्रदेश की रिक्त राज्यसभा सीट के लिए 12 नवंबर 2026 को मतदान प्रस्तावित है। यह सीट केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। भाजपा ने इस सीट से केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को उम्मीदवार बनाया है।
नामांकन निरस्त होने के बाद कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार राजकुमार लोहानी चुनावी मुकाबले से बाहर हो गए हैं। वहीं, हरदीप पुरी के हलफनामे पर उठाई गई आपत्तियों ने चुनावी प्रक्रिया को चर्चा में ला दिया है।