भोपाल: मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ने वाला है। प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से बारिश और गरज-चमक का दौर जारी है। बुधवार को भोपाल समेत इंदौर और उज्जैन संभाग के कई जिलों में आसमान में बादल छाए रहे। राजधानी भोपाल में दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही और दोपहर में कुछ देर तेज बारिश भी हुई।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। खासतौर पर 14 अगस्त से एक नया लो प्रेशर सिस्टम सक्रिय होने की संभावना है, जिसके प्रभाव से मध्यप्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
खरगोन में 218 MM बारिश, सबसे ज्यादा वर्षा रिकॉर्ड
पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश खरगोन में दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक यहां 218 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई।मानसून सीजन में अब तक प्रदेश में औसत बारिश का करीब 12 प्रतिशत हिस्सा दर्ज किया जा चुका है। हालांकि क्षेत्रवार स्थिति अलग-अलग है। पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से करीब 19 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है, जबकि पश्चिमी मध्यप्रदेश में बारिश सामान्य से करीब 6 प्रतिशत कम बताई गई है।
14 अगस्त से फिर सक्रिय होगा मानसून
इंदौर और उज्जैन संभाग के कई जिलों में फिलहाल बादल छाए रहने की संभावना है। इसके बाद 14 अगस्त से लो प्रेशर सिस्टम के सक्रिय होने के चलते मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।इस सिस्टम का असर खासतौर पर प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में देखने को मिल सकता है। इन इलाकों में कई स्थानों पर अच्छी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
इन 8 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट
12 से 13 अगस्त के दौरान श्योपुर, रतलाम, उज्जैन, नीमच, बड़वानी, झाबुआ, धार और ग्वालियर में कहीं-कहीं अति से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।इन जिलों में बारिश के साथ गरज-चमक और करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।
13 से 14 अगस्त के बीच शिवपुरी-श्योपुर में ज्यादा असर
13 अगस्त की सुबह से 14 अगस्त की सुबह तक शिवपुरी और श्योपुर में कहीं-कहीं अति भारी बारिश हो सकती है।इसके अलावा भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, उज्जैन, देवास, गुना, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवा का अनुमान है।
14 से 15 अगस्त तक पूर्वी MP में जोरदार बारिश
14 अगस्त से मौसम का असर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में ज्यादा बढ़ सकता है। सीधी, अनूपपुर, शहडोल, डिंडोरी, कटनी, मंडला और बालाघाट में कहीं-कहीं अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।इस दौरान भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, जबलपुर, रीवा, सतना, सागर, छतरपुर और अन्य जिलों में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
15 अगस्त को भी कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान
15 अगस्त को भी प्रदेश के मौसम में ज्यादा राहत की उम्मीद नहीं है। बालाघाट, सिंगरौली, सीधी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी और पन्ना में कहीं-कहीं अति से अति भारी बारिश का अलर्ट है।इन इलाकों में बारिश के साथ 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है।
16 अगस्त को छिंदवाड़ा और बालाघाट में अलर्ट
16 अगस्त की सुबह से 17 अगस्त की सुबह तक छिंदवाड़ा और बालाघाट में कहीं-कहीं अति भारी बारिश हो सकती है।इसके अलावा रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, दमोह और छतरपुर में भारी बारिश का अनुमान है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, सतना, शहडोल समेत कई अन्य जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है।
भोपाल, इंदौर और उज्जैन में बादलों का डेरा
राजधानी भोपाल में बुधवार को मौसम का मिजाज दिनभर बदला हुआ रहा। सुबह से बादल छाए रहे और कुछ समय के लिए धूप भी निकली। दोपहर में अचानक तेज बारिश हुई, जिसके बाद फिर बादलों ने आसमान को घेर लिया।इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में भी बादल छाए रहने की संभावना है। आने वाले दिनों में लो प्रेशर सिस्टम के असर से इन क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।