जहां एक तरफ देशभर में इन दिनों लोकसभा चुनाव 2024 अपने पूरे शबाब पर हैं तो दूसरी ओर राजनीतिक दलों के नेताओं के बीच हो रहे जुबानी जंग में शब्दों की मर्यादाओं को ताक पर रखा जा रहा हैं। आरोप-प्रत्यारोप और वार-तकरार के बीच नेताओं की अपनी मर्यादाएं भूलकर एक दुसरे के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं।
शिंदे गुट वाले शिवसेना के नेता संजय निरुपम ने कहा है कि, असल में गद्दारी उद्धव ठाकरे ने अपने पिता बाला साहब ठाकरे से की हैं। उद्धव ने कांग्रेस का सहयोग लिया जबकि बालासाहेब इसके घोर विरोधी थे।