हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बाबा बालकनाथ मंदिर, शाहतलाई के मुख्य मार्ग पर संचालित मीट-मांस, मछली और शराब की दुकानों को हटाने की मांग तेज हो गई है। हमीरपुर से सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने इस मामले में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को पत्र लिखा है। उन्होंने मंदिर तक जाने वाले प्रमुख रास्ते से इन दुकानों को हटाकर किसी दूसरे उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने का आग्रह किया है।
सांसद अनुराग ठाकुर का कहना है कि बाबा बालकनाथ मंदिर देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु शाहतलाई पहुंचकर बाबा बालकनाथ के दर्शन करते हैं। ऐसे में मंदिर के मुख्य मार्ग पर मांसाहारी खाद्य पदार्थों और शराब की दुकानों की मौजूदगी से धार्मिक वातावरण प्रभावित होने के साथ श्रद्धालुओं की भावनाएं भी आहत हो रही हैं।
मंदिर मार्ग पर दुकानों को लेकर उठी आपत्ति
बाबा बालकनाथ मंदिर शाहतलाई हिमाचल प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां हिमाचल के अलावा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं।मंदिर तक पहुंचने वाला मुख्य मार्ग श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक यात्रा का अहम हिस्सा माना जाता है। इसी मार्ग पर मीट-मांस, मछली और शराब की दुकानें संचालित होने को लेकर आपत्ति जताई गई है।
सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में इस व्यवस्था पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि मंदिर के आसपास ऐसा वातावरण होना चाहिए, जिससे श्रद्धालुओं को धार्मिक और आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हो तथा उन्हें किसी प्रकार की असहजता महसूस न हो।सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से आग्रह किया है कि संबंधित दुकानों को मंदिर मार्ग से हटाकर किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।उन्होंने अपने पत्र में श्रद्धालुओं की आस्था और धार्मिक भावनाओं को प्राथमिकता देने की बात कही है। उनका कहना है कि प्रशासन को मंदिर क्षेत्र की धार्मिक महत्ता को ध्यान में रखते हुए ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे दर्शन के लिए आने वाले लोगों को परेशानी न हो।
लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है बाबा बालकनाथ मंदिर
शाहतलाई स्थित बाबा बालकनाथ मंदिर हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध सिद्ध पीठों में गिना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के कारण यहां सालभर श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है।विशेष अवसरों और धार्मिक पर्वों के दौरान मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ जाती है। बड़ी संख्या में लोग यहां दर्शन के साथ धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-पाठ में शामिल होते हैं।ऐसे में मंदिर तक जाने वाले मार्ग और आसपास के वातावरण को लेकर समय-समय पर व्यवस्थाओं पर चर्चा होती रही है।
धार्मिक वातावरण बनाए रखने पर जोर
सांसद अनुराग ठाकुर की मांग का मुख्य आधार मंदिर मार्ग के धार्मिक स्वरूप को बनाए रखना है। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा है कि श्रद्धालुओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक स्तर पर उचित कदम उठाए जाने चाहिए।मंदिर के आसपास किस तरह की व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हों और किन गतिविधियों के लिए अलग स्थान निर्धारित किया जाए, यह स्थानीय प्रशासन और सरकार के अधिकार क्षेत्र का विषय है। ऐसे में अब नजर इस बात पर रहेगी कि राज्य सरकार इस मांग पर क्या निर्णय लेती है।
सरकार के फैसले पर टिकी नजर
सांसद अनुराग ठाकुर द्वारा मुख्यमंत्री को पत्र लिखे जाने के बाद अब इस मुद्दे पर राज्य सरकार के रुख का इंतजार है। यदि सरकार इस मांग पर कार्रवाई करती है तो मंदिर के मुख्य मार्ग पर व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर नई व्यवस्था बनाई जा सकती है। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार इस पत्र पर क्या कदम उठाती है।