नई दिल्ली - देश में हवाई यात्रा को और सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने वर्ष 2026 के लिए नया वार्षिक निगरानी (Annual Surveillance) कार्यक्रम लागू किया है। इसके तहत एयरलाइंस और एयरपोर्ट की निगरानी पहले से अधिक सख्त होगी। नियमित ऑडिट, रात में औचक निरीक्षण, रैंप इंस्पेक्शन और स्पॉट चेक के जरिए सुरक्षा मानकों की लगातार जांच की जाएगी।
हर उड़ान की सुरक्षा पर रहेगी कड़ी निगरानी
नई व्यवस्था के तहत सभी एयरलाइंस और विमानन ऑपरेटरों का समय-समय पर ऑडिट होगा। इसके अलावा बिना सूचना के निरीक्षण किए जाएंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन हो रहा है।
नियम तोड़े तो होगी सख्त कार्रवाई
DGCA ने साफ किया है कि यदि कोई एयरलाइन या ऑपरेटर सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर भारी वित्तीय जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
डिजिटल होगी हादसों और तकनीकी गड़बड़ियों की रिपोर्टिंग
विमान हादसों और तकनीकी खामियों की रिपोर्टिंग को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए DGCA eGCA पोर्टल पर नया डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित कर रहा है। इससे किसी भी घटना की जानकारी तुरंत दर्ज होगी और जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी।
एयरपोर्ट और एयरलाइंस के लिए नए सुरक्षा मानक
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने संसद में बताया कि सभी भारतीय एयरपोर्ट और एयरलाइंस को अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के मानकों के अनुरूप Safety Management System (SMS) और Emergency Response Plan (ERP) लागू रखना अनिवार्य होगा। सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था से उड़ानों की सुरक्षा और मजबूत होगी तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।