नई दिल्ली: दूरसंचार विभाग (DoT) ने 17 अगस्त को एक नया सर्कुलर जारी कर देश में मोबाइल सिम कार्ड जारी करने और इस्तेमाल करने के नियमों को और कड़ा कर दिया है। 24 अगस्त से यदि कोई ग्राहक अपने नाम पर तय सीमा के बराबर या उससे अधिक मोबाइल कनेक्शन रखता है, तो दूरसंचार कंपनियां (TSPs) उसे नया सिम कनेक्शन प्रदान नहीं कर सकेंगी। नए नियमों का उद्देश्य फर्जी कनेक्शनों और साइबर वित्तीय धोखाधड़ी पर लगाम लगाना है।
अधिकतम 9 सिम रखने की अनुमति, पूर्वोत्तर में सीमा 6
DoT के मौजूदा दिशानिर्देशों के तहत देश में कोई भी व्यक्ति अपने नाम पर अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन रख सकता है। वहीं, जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर राज्यों के निवासियों के लिए यह सीमा अधिकतम 6 सिम कार्ड निर्धारित है। हालांकि सिम कार्ड की सीमा का यह नियम एक दशक से अधिक समय से लागू है, लेकिन 24 अगस्त से इसे लागू करने की प्रक्रिया में बड़ा तकनीकी बदलाव किया जा रहा है।
डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म से होगी राष्ट्रीय स्तर पर जांच
अब नया सिम कार्ड जारी करने से पहले टेलीकॉम कंपनियों को केवल अपने डेटाबेस तक सीमित नहीं रहना होगा, बल्कि ग्राहक के नाम पर पूरे देश में अलग-अलग कंपनियों के कुल कनेक्शनों की जांच करनी होगी। इसके लिए सरकार के 'डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म' (DIP) का सहारा लिया जाएगा। 23 अगस्त से DIP पर ऐसे ग्राहकों की प्रतिनिधि तस्वीरें भी उपलब्ध कराई जाएंगी, जो अपनी निर्धारित सीमा तक पहुंच चुके हैं।

ग्राहक आवेदन फॉर्म (CAF) में देनी होगी पूरी जानकारी
नए निर्देश के अनुसार, अब ग्राहकों को नया कनेक्शन लेते समय ग्राहक आवेदन पत्र (CAF) में अपने नाम पर पहले से मौजूद सभी मोबाइल नंबरों की जानकारी खुद घोषित करनी होगी। इसमें अन्य टेलीकॉम कंपनियों और अन्य लाइसेंस प्राप्त सेवा क्षेत्रों (LSAs) में लिए गए कनेक्शन भी शामिल होंगे।
गलती से अतिरिक्त सिम चालू होने पर तुरंत निलंबन
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि तकनीकी खराबी या किसी अन्य कारण से सीमा से अधिक कोई नया सिम कार्ड सक्रिय (एक्टिवेट) हो जाता है, तो उस कनेक्शन को तुरंत प्रभाव से एक दिन के लिए निलंबित (सस्पेंड) कर दिया जाएगा। मामले का समाधान होने तक यह निलंबन प्रभावी रहेगा।
30 नवंबर तक तकनीकी प्रणाली को जोड़ना अनिवार्य
दूरसंचार विभाग ने सभी टेलीकॉम ऑपरेटरों को अपने तकनीकी ढांचे और ग्राहक सत्यापन प्रणाली को पूरी तरह से सुव्यवस्थित करने के लिए समय सीमा तय कर दी है। टेलीकॉम कंपनियों को 30 नवंबर तक अपने सिस्टम को पूरी तरह से डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म से जोड़ना अनिवार्य होगा।