अहमदाबाद। गुजरात के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में एक ऐतिहासिक परियोजना जुड़ने जा रही है। केंद्र सरकार ने खंभात की खाड़ी (Gulf of Khambhat) पर भारत का सबसे लंबा सी-ब्रिज बनाने की दिशा में अहम कदम उठाए हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए प्रक्रिया तेज कर दी है। यह मेगा प्रोजेक्ट जामनगर-भावनगर-भरूच हाई-स्पीड कॉरिडोर का अहम हिस्सा होगा।
7-8 घंटे की यात्रा अब सिर्फ 45 मिनट में
वर्तमान में भावनगर से भरूच या सूरत पहुंचने के लिए यात्रियों को बगोदरा और वडोदरा के रास्ते लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिसमें 7 से 8 घंटे तक लग जाते हैं। लेकिन प्रस्तावित लगभग 30 किलोमीटर लंबे सी-ब्रिज और एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद यही सफर महज 45 मिनट से एक घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इस परियोजना से भावनगर और सूरत के बीच करीब 240 किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी, जिससे समय के साथ-साथ ईंधन की भी बड़ी बचत होगी।
अटल सेतु से भी लंबा होगा नया सी-ब्रिज
फिलहाल मुंबई का अटल सेतु 21.8 किलोमीटर लंबाई के साथ देश का सबसे लंबा समुद्री पुल है, लेकिन खंभात की खाड़ी पर बनने वाला यह लगभग 30 किलोमीटर लंबा सी-ब्रिज इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देगा। छह लेन वाला यह हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे सूरत के औद्योगिक क्षेत्रों और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को सीधे जोड़ने का काम करेगा।
व्यापार, उद्योग और पर्यटन को मिलेगा बड़ा फायदा
भावनगर स्थित अलंग शिप ब्रेकिंग यार्ड और आसपास की इंडस्ट्री के लिए लॉजिस्टिक्स लागत में बड़ी कमी आएगी।
धोलेरा सेमीकंडक्टर हब को मिलेगी नई कनेक्टिविटी
यह परियोजना धोलेरा सेमीकंडक्टर हब को दक्षिण गुजरात के हजीरा और अंकलेश्वर जैसे बड़े औद्योगिक क्षेत्रों से सीधे जोड़ने में मदद करेगी।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
सोमनाथ, द्वारका और सौराष्ट्र के अन्य धार्मिक स्थलों तक दक्षिण गुजरात के पर्यटकों की पहुंच पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगी।
अभी किस चरण में है प्रोजेक्ट?
सरकार ने इस मेगा प्रोजेक्ट की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के लिए एजेंसियों से बिड मंगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। DPR के दौरान समुद्री पारिस्थितिकी, हाइड्रोलॉजिकल सर्वे, भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय मंजूरी समेत सभी तकनीकी पहलुओं का अध्ययन किया जाएगा। रिपोर्ट तैयार होने के बाद निर्माण कार्य के लिए टेंडर जारी किए जाएंगे।