नई दिल्ली- केंद्र सरकार ने राशन वितरण व्यवस्था को और आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब राशन कार्ड धारकों को एक ही उचित मूल्य की दुकान पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ (ONORC) योजना के तहत लाभार्थी अपनी सुविधा के अनुसार अलग-अलग राशन दुकानों से गेहूं और चावल प्राप्त कर सकेंगे। इससे लंबी कतारों, तकनीकी दिक्कतों और राशन की उपलब्धता से जुड़ी समस्याओं में राहत मिलने की उम्मीद है।
राशन लेने की व्यवस्था हुई और आसान
सरकार द्वारा लागू की गई नई व्यवस्था के तहत अब राशन कार्ड धारक अपने हिस्से का राशन एक ही दुकान से लेने के लिए बाध्य नहीं होंगे। यदि किसी दुकान पर गेहूं उपलब्ध है और दूसरी दुकान पर चावल, तो लाभार्थी दोनों जगहों से अपना निर्धारित राशन प्राप्त कर सकेंगे। इससे राशन वितरण प्रक्रिया अधिक लचीली और सुविधाजनक बनेगी।
लंबी कतार और राशन की कमी से मिलेगी राहत
अक्सर लाभार्थियों को राशन की दुकानों पर लंबी लाइनों, मशीन में अंगूठा सत्यापित न होने या अनाज खत्म होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। नई व्यवस्था के बाद यदि किसी दुकान पर राशन उपलब्ध नहीं है, तो लाभार्थी दूसरी दुकान से अपना हिस्सा प्राप्त कर सकेंगे। इससे लोगों का समय बचेगा और राशन प्राप्त करने में होने वाली परेशानियां कम होंगी।
ONORC योजना को बताया गया गेम चेंजर
केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ योजना के तहत राशन वितरण को अधिक सरल और पारदर्शी बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सुविधा बिल्कुल एटीएम की तरह काम करती है। जिस प्रकार बैंक ग्राहक किसी भी एटीएम से पैसा निकाल सकते हैं, उसी तरह राशन कार्ड धारक देश के किसी भी हिस्से में किसी भी अधिकृत राशन दुकान से अपना अनाज प्राप्त कर सकते हैं।
प्रवासी मजदूरों और उनके परिवारों को सबसे ज्यादा फायदा
इस योजना का सबसे बड़ा लाभ प्रवासी मजदूरों और उनके परिवारों को मिलेगा। पहले उन्हें राशन प्राप्त करने के लिए अपने मूल निवास स्थान की दुकान पर निर्भर रहना पड़ता था। अब वे जिस शहर या राज्य में रह रहे हैं, वहीं आधार और बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए अपना राशन ले सकेंगे। इससे रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में रहने वाले लाखों लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
डिजिटल व्यवस्था से बढ़ेगी पारदर्शिता
सरकार का मानना है कि डिजिटल तकनीक के जरिए राशन वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाया जा सकता है। ONORC योजना के माध्यम से लाभार्थियों का डेटा पूरे देश में एकीकृत हो चुका है, जिससे किसी भी स्थान से राशन प्राप्त करना आसान हो गया है। इससे पात्र लोगों तक समय पर खाद्यान्न पहुंचाने में भी मदद मिलेगी।