नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार सुबह अपने आधिकारिक आवास (7 लोक कल्याण मार्ग) पर एनडीए में नए शामिल हुए 47 सांसदों के साथ एक विशेष 'ब्रेकफास्ट बैठक' (नाश्ते पर चर्चा) की। इस बैठक में पश्चिम बंगाल से नेशनल कांफ्रेंस/एनसीपीआई (NCPI) के 20 सांसद भी शामिल हुए। अनूठे अंदाज में आयोजित इस बैठक में प्रधानमंत्री ने सांसदों को उनके पिछले 3 महीनों के सोशल मीडिया प्रदर्शन का 'रिपोर्ट कार्ड' सौंपा और अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।
कुर्सी पर रखा मिला सीलबंद लिफाफा: मिला सोशल मीडिया परफॉर्मेंस रिपोर्ट कार्ड
बैठक में शामिल प्रत्येक सांसद के लिए नामंकित कुर्सियों की व्यवस्था की गई थी। प्रत्येक सीट पर एक सीलबंद लिफाफा रखा था, जो पिछले 3 महीनों के दौरान फेसबुक, एक्स (ट्विटर) और इंस्टाग्राम पर सांसदों की सक्रियता और पोस्ट का सोशल मीडिया रिपोर्ट कार्ड था। हालांकि, बैठक में इस रिपोर्ट कार्ड पर कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई, बल्कि पीएम मोदी ने सौहार्दपूर्ण माहौल में प्रत्येक सांसद से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की।

सायानी घोष, बापी हलदर और काकली घोष ने उठाईं क्षेत्रीय मांगें
बैठक में सायानी घोष, काकली घोष दस्तीदार और बापी हलदर जैसे सांसदों ने पीएम मोदी से सीधे बातचीत की और अपने निर्वाचन क्षेत्रों के प्रमुख मुद्दे रखे:
- गंगासागर मेले को राष्ट्रीय दर्जा: सांसद बापी हलदर ने ऐतिहासिक 'गंगासागर मेले' को राष्ट्रीय मेला (National Fair) घोषित करने की मांग की।
- MPLAD फंड से GST हटाने की मांग: बांकुरा के सांसद अरूप राय ने सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLAD) के तहत खर्च होने वाली निधि पर लगने वाले 18% जीएसटी को खत्म करने का अनुरोध किया।
- रेलवे विकास की मांग: मुर्शिदाबाद के सांसद अबू ताहेर खान ने अपने क्षेत्र में नई रेल लाइनों और बुनियादी ढांचे के विस्तार का मुद्दा उठाया।
मुर्शिदाबाद के अल्पसंख्यक सांसदों ने दिया धार्मिक स्वतंत्रता पर पत्र
मुर्शिदाबाद के तीनों अल्पसंख्यक सांसदों ने बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को एक ज्ञापन सौंपा। इस पत्र में उन्होंने अपने क्षेत्र में धार्मिक स्वतंत्रता और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। सांसदों ने बताया कि उन्होंने वही मांगें रखी हैं जो इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष उठाई गई थीं। प्रधानमंत्री ने सभी मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया।
"24 साल पुराने हों या 1 दिन नए, मेरे लिए सभी बराबर": पीएम मोदी
सांसदों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया कि एनडीए के भीतर किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं है। उन्होंने कहा, "जो दल पिछले 24 वर्षों से एनडीए के साथ हैं और जो केवल एक दिन पहले जुड़े हैं, मेरे लिए दोनों का महत्व बराबर है। मेरा सभी सांसदों के साथ एक समान संबंध है।" इसके साथ ही उन्होंने सभी सांसदों को अपने-अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने और जनता से जुड़े रहने की सलाह दी।