नई दिल्ली। सनातन धर्म में ज्येष्ठ मास के मंगलवार का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इन्हें "बड़ा मंगलवार" या "बुढ़वा मंगल" कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन संकटमोचन हनुमान जी की पूजा-अर्चना और दीपदान करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं तथा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। विशेष रूप से हनुमान जी के समक्ष अलग-अलग प्रकार के तेल या घी का दीपक जलाने की परंपरा है, जिनसे विभिन्न शुभ फलों की प्राप्ति होने की मान्यता है।
सरसों के तेल का दीपक: शत्रु बाधा और संकटों से मुक्ति का प्रतीक
हनुमान जी को सरसों का तेल अत्यंत प्रिय माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बड़ा मंगलवार के दिन सरसों के तेल का दीपक जलाने से नकारात्मक ऊर्जा और बाधाओं का प्रभाव कम होता है। जिन लोगों को जीवन में शत्रुओं, कानूनी विवादों, भय, मानसिक तनाव या बार-बार आने वाली परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हो, उनके लिए सरसों के तेल का दीपक विशेष लाभकारी माना जाता है। मान्यता है कि दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने से साहस, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है।
चमेली के तेल का दीपक: सफलता और मनोकामना पूर्ति के लिए शुभ
हनुमान उपासना में चमेली के तेल का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक परंपराओं के अनुसार चमेली के तेल का दीपक अर्पित करने से बजरंगबली शीघ्र प्रसन्न होते हैं। नौकरी, व्यापार, प्रतियोगी परीक्षा, करियर या किसी महत्वपूर्ण कार्य में सफलता की कामना रखने वाले श्रद्धालुओं को चमेली के तेल का दीपक जलाने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि इसके साथ "ॐ हं हनुमते नमः" मंत्र का जप करने से विशेष पुण्य और शुभ फल की प्राप्ति होती है तथा रुके हुए कार्यों में भी सफलता मिलने के योग बनते हैं।
तिल के तेल का दीपक: शनि दोष और ग्रह बाधाओं से राहत
ज्योतिष शास्त्र में तिल के तेल को शनि ग्रह से जुड़ा माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार हनुमान जी के समक्ष तिल के तेल का दीपक जलाने से शनि की प्रतिकूलता कम होती है और ग्रहों से संबंधित कष्टों में राहत मिल सकती है। जिन लोगों की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती, ढैया या अन्य ग्रह संबंधी समस्याएं चल रही हों, उनके लिए बड़ा मंगलवार का दिन विशेष फलदायी माना जाता है। इस दिन तिल के तेल का दीपक जलाकर सुंदरकांड का पाठ करने से मानसिक शांति और सकारात्मक परिणाम प्राप्त होने की मान्यता है।
घी का दीपक: सुख, शांति और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग
हालांकि हनुमान पूजा में तेल के दीपक का अधिक प्रचलन है, लेकिन शुद्ध देसी घी का दीपक भी अत्यंत शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि घी का दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, पारिवारिक कलह कम होती है और मानसिक शांति प्राप्त होती है। जो लोग आध्यात्मिक उन्नति, मन की एकाग्रता, पारिवारिक सुख और समृद्धि की कामना करते हैं, उनके लिए घी का दीपक विशेष लाभकारी माना जाता है। नियमित रूप से घी का दीपदान करने से घर का वातावरण भी सकारात्मक बना रहता है।
दीपदान करते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान
बड़ा मंगलवार के दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और विधि-विधान से हनुमान जी की पूजा करें। पूजा में सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल, गुड़ और चने का भोग अर्पित करना शुभ माना जाता है। दीपक जलाने के बाद हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा में श्रद्धा, संयम और सच्ची भक्ति सबसे महत्वपूर्ण होती है। कहा जाता है कि श्रद्धापूर्वक किया गया दीपदान हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने का सरल और प्रभावी माध्यम बन सकता है।