ज्येष्ठ माह का आठवां और आखिरी बड़ा मंगल आज पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इसे बुढ़वा मंगल के नाम से भी जाना जाता है। इस बार का ज्येष्ठ महीना धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है, क्योंकि अधिकमास के कारण इस वर्ष एक-दो नहीं, बल्कि पूरे आठ बड़े मंगल का दुर्लभ संयोग बना। ऐसी मान्यता है कि साल के आखिरी बड़े मंगल पर सच्चे मन से संकटमोचन हनुमान जी की पूजा करने और उनकी प्रिय वस्तुओं का भोग लगाने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और भक्तों पर बजरंगबली की विशेष कृपा बनी रहती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए भक्ति और श्रद्धा सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। वहीं कुछ विशेष चीजें ऐसी हैं, जिन्हें हनुमान जी का प्रिय भोग माना जाता है। आखिरी बड़ा मंगल के दिन इन वस्तुओं का भोग लगाने से शुभ फल की प्राप्ति होती है और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
क्यों खास है इस बार का आखिरी बड़ा मंगल?
आमतौर पर ज्येष्ठ महीने में चार या पांच बड़े मंगल पड़ते हैं, लेकिन अधिकमास के कारण इस वर्ष आठ बड़े मंगल का अद्भुत संयोग बना है। ऐसे दुर्लभ योग में आने वाला आखिरी बड़ा मंगल भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि इस दिन की गई पूजा, व्रत और दान का कई गुना फल प्राप्त होता है।
बजरंगबली को लगाएं बूंदी के लड्डू का भोग
हनुमान जी को बूंदी और बूंदी के लड्डू अत्यंत प्रिय माने जाते हैं। बड़े मंगल के अवसर पर लाल या पीले रंग के बूंदी के लड्डू अर्पित करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा करने से बजरंगबली प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
चने और गुड़ का भोग दिलाता है विशेष कृपा
भुने हुए चने और गुड़ का भोग हनुमान जी को अर्पित करना भी बहुत शुभ माना जाता है। यह भोग सरल होने के साथ-साथ धार्मिक दृष्टि से भी विशेष महत्व रखता है। पूजा के बाद इसे प्रसाद के रूप में बांटना पुण्यदायी माना गया है।
बेसन से बनी मिठाइयों का भी है विशेष महत्व
बड़े मंगल के दिन बेसन के लड्डू, बेसन की बर्फी या अन्य मिठाइयों का भोग लगाने की परंपरा भी प्रचलित है। मान्यता है कि इससे भगवान हनुमान प्रसन्न होकर परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
केले का भोग माना जाता है शुभ
फल अर्पित करने की परंपरा में केला सबसे शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान हनुमान जी को केले का भोग लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और शुभ फल की प्राप्ति होती है। कई श्रद्धालु इस दिन मंदिर में जाकर केले और अन्य फलों का वितरण भी करते हैं।
पान का भोग लगाने की भी है परंपरा
कई धार्मिक परंपराओं में हनुमान जी को पान अर्पित करने का विधान बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि बड़े मंगल के दिन पूजा के बाद पान का भोग लगाने से बजरंगबली की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।
सिंदूर और चमेली के तेल का अर्पण माना जाता है शुभ
हालांकि सिंदूर और चमेली का तेल भोग की श्रेणी में नहीं आते, लेकिन हनुमान जी की पूजा में इनका विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यता है कि बड़े मंगल के दिन बजरंगबली को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करने से वे शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों के दुखों का नाश करते हैं।
उत्तर भारत में क्यों खास माना जाता है बड़ा मंगल?
उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में बड़े मंगल का विशेष महत्व है। ज्येष्ठ महीने के सभी मंगलवार हनुमान जी को समर्पित माने जाते हैं, लेकिन आखिरी बड़ा मंगल विशेष रूप से फलदायी माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं, हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करते हैं तथा जरूरतमंदों को भोजन और दान देकर पुण्य अर्जित करते हैं। कई स्थानों पर भंडारों का आयोजन भी किया जाता है और बड़ी संख्या में भक्त मंदिरों में दर्शन करने पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आखिरी बड़ा मंगल भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई पूजा और सेवा से हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख, शांति तथा समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।