भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप 2026 के महिला सिंगल्स का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। शनिवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में उन्होंने मिस्र की रुकैया सलेम को सीधे गेमों में हराकर भारत को इस प्रतियोगिता का पहला स्वर्ण पदक दिलाया। इस जीत के साथ अनाहत विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं।
फाइनल में मिस्र की खिलाड़ी पर शानदार जीत
विश्व रैंकिंग में 20वें स्थान पर काबिज और टूर्नामेंट की शीर्ष वरीयता प्राप्त अनाहत ने शुरुआत से ही मुकाबले पर अपना दबदबा बनाए रखा। उन्होंने रुकैया सलेम को 11-3, 11-7 और 11-9 से हराकर खिताब अपने नाम किया। तीनों गेमों में अनाहत का आत्मविश्वास और आक्रामक खेल साफ नजर आया।
पिछले साल के कांस्य से इस बार स्वर्ण तक का सफर
अनाहत का यह खिताब उनकी लगातार मेहनत और बेहतर प्रदर्शन का परिणाम है। पिछले वर्ष भी उन्होंने विश्व जूनियर चैंपियनशिप में शानदार खेल दिखाते हुए सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था और कांस्य पदक जीता था। इस बार उन्होंने एक कदम आगे बढ़ते हुए विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
जोशना चिनप्पा के बाद नया इतिहास
भारतीय स्क्वैश में इससे पहले 2005 में जोशना चिनप्पा जूनियर विश्व चैंपियनशिप के फाइनल तक पहुंची थीं, लेकिन खिताब जीतने से चूक गई थीं। करीब दो दशक बाद अनाहत सिंह ने उस अधूरे सपने को पूरा करते हुए भारत के नाम पहला विश्व जूनियर स्क्वैश खिताब दर्ज करा दिया।
भारतीय स्क्वैश के लिए बड़ी उपलब्धि
अनाहत सिंह की यह सफलता भारतीय स्क्वैश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। कम उम्र में विश्व स्तर पर हासिल की गई इस जीत ने उन्हें देश की सबसे उभरती हुई खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।