नई दिल्ली - अंतिम-32 के मुकाबले में नार्वे ने आइवरी कोस्ट को 2-1 से हराकर शानदार जीत दर्ज की। मैच में सभी की नजरें स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड पर थीं, लेकिन सबसे पहले सुर्खियां 21 वर्षीय एंटोनियो नूसा ने बटोरीं। 39वें मिनट में नूसा ने बॉक्स के बाहर से शानदार लंबी दूरी का शॉट लगाकर नार्वे को 1-0 की बढ़त दिलाई। उनके इस गोल की दुनियाभर में जमकर तारीफ हुई।
'नार्वे के नेमार' कहलाते हैं नूसा
नाइजीरियाई पिता और नार्वेजियन मां के बेटे एंटोनियो नूसा अपनी तेज रफ्तार और दोनों विंग पर खेलने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। रंगे हुए बालों और आक्रामक अंदाज के कारण उन्हें अक्सर 'नार्वे का नेमार' कहा जाता है। जब आइवरी कोस्ट की टीम ने एर्लिंग हालैंड को कड़ी मार्किंग में रखा, तब नूसा ने अपनी व्यक्तिगत प्रतिभा से मैच का रुख बदल दिया।
अमाद डियालो ने की शानदार वापसी
दूसरे हाफ में आइवरी कोस्ट ने आक्रामक खेल दिखाया। 60वें मिनट में मैदान पर उतरे अमाद डियालो ने 74वें मिनट में शानदार व्यक्तिगत प्रयास से बराबरी का गोल दागा। उन्होंने नार्वे के कई डिफेंडरों को छकाते हुए बॉक्स के बाहर से बेहतरीन शॉट लगाया और स्कोर 1-1 कर दिया।
हालैंड ने फिर साबित किया अपना क्लास
बराबरी के गोल के बाद आइवरी कोस्ट का आत्मविश्वास बढ़ा, लेकिन 86वें मिनट में उनकी एक चूक भारी पड़ गई। नार्वे के मिडफील्डर पैट्रिक बर्ग के सटीक पास पर एर्लिंग हालैंड पूरी तरह खाली रह गए। हालैंड ने मौके का पूरा फायदा उठाते हुए हल्के से गेंद को गोल की दिशा दी और वह नेट में समा गई। इस गोल के साथ नार्वे ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली।
आखिरी मिनटों में नहीं मिली बराबरी
गोल खाने के बाद आइवरी कोस्ट ने बराबरी की पूरी कोशिश की। अंतिम क्षणों में टीम को एक फ्री-किक भी मिली, लेकिन नार्वे के गोलकीपर ने शानदार बचाव करते हुए गोल नहीं होने दिया। इसके साथ ही रेफरी की अंतिम सीटी बजी और नार्वे ने 2-1 से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
नार्वे की जीत के हीरो बने नूसा और हालैंड
इस मुकाबले में एंटोनियो नूसा और एर्लिंग हालैंड दोनों ने अहम भूमिका निभाई। नूसा ने शानदार गोल से जीत की नींव रखी, जबकि हालैंड ने निर्णायक गोल कर टीम को अगले दौर में पहुंचा दिया। वहीं, अमाद डियालो की शानदार कोशिश के बावजूद आइवरी कोस्ट को टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा।