IND vs SL 2nd Test Day 1: श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के पहले दिन देवदत्त पडिक्कल ने एक बार फिर शानदार बल्लेबाजी करते हुए लगातार दूसरा टेस्ट शतक जड़ दिया। पडिक्कल ने 117 रन की शानदार पारी खेलकर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। इससे पहले गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में उन्होंने 167 रन की बड़ी पारी खेली थी। पडिक्कल की इस पारी की खास बात यह रही कि शुरुआती ओवरों में उन्हें दो जीवनदान मिले। श्रीलंकाई फील्डर्स ने उनका कैच 0 और 1 रन के स्कोर पर छोड़ा। इसके बाद पडिक्कल ने मौके का पूरा फायदा उठाया और शतक लगाकर श्रीलंका को इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी।
कोलंबो में लगातार दूसरा टेस्ट शतक
देवदत्त पडिक्कल ने दूसरे टेस्ट के पहले दिन संयम और आक्रामकता का शानदार संतुलन दिखाया। शुरुआत में दो बार जीवनदान मिलने के बाद उन्होंने पारी को संभाला और धीरे-धीरे अपना स्कोर बढ़ाया। पडिक्कल ने पहले अर्धशतक पूरा किया और फिर शतक तक पहुंचते हुए भारत की स्थिति मजबूत कर दी। शतक पूरा करने के बाद उन्होंने हेलमेट उतारकर जश्न मनाया, जबकि ड्रेसिंग रूम से भी उनके लिए तालियां बजीं। आखिरकार वह 117 रन बनाकर आउट हुए। उनकी पारी ने भारत को शुरुआती झटकों से उबरने में अहम भूमिका निभाई।
8 साल बाद नंबर-3 पर भारतीय बल्लेबाज का बड़ा कारनामा
पडिक्कल के लगातार दो विदेशी टेस्ट मैचों में शतक लगाने की उपलब्धि ने उन्हें भारतीय टेस्ट क्रिकेट के एक खास रिकॉर्ड में शामिल कर दिया है। विदेशी धरती पर नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए लगातार दो टेस्ट मैचों में शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज के तौर पर इससे पहले चेतेश्वर पुजारा का नाम सामने आता है। 2018-19 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान पुजारा ने ऑस्ट्रेलिया में शानदार प्रदर्शन किया था। अब पडिक्कल ने श्रीलंका दौरे पर लगातार दो शतकीय पारियां खेलकर इस उपलब्धि को दोहराया है।
गॉल में 167 रन के बाद कोलंबो में 117
देवदत्त पडिक्कल का श्रीलंका दौरा लगातार शानदार होता जा रहा है। गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में उन्होंने पहली पारी में 167 रन बनाए थे और भारत को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। भारत ने वह टेस्ट 165 रन से अपने नाम किया था। अब कोलंबो में भी उन्होंने शतक जड़ दिया। इस तरह श्रीलंका के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज में पडिक्कल लगातार बड़ी पारियां खेलने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं।
0 और 1 रन पर मिले जीवनदान का उठाया फायदा
पडिक्कल की कोलंबो वाली पारी में श्रीलंका की फील्डिंग भी चर्चा में रही। भारतीय बल्लेबाज जब अपना खाता भी नहीं खोल पाए थे, तब उनका कैच छोड़ दिया गया। इसके बाद सिर्फ एक रन के स्कोर पर उन्हें एक और जीवनदान मिला। दो मौकों पर बचने के बाद पडिक्कल ने अपनी बल्लेबाजी में कोई ढील नहीं आने दी और श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। श्रीलंका को जल्द ही इन गलतियों का नुकसान उठाना पड़ा और पडिक्कल ने शतक पूरा कर लिया।
शुभमन गिल ने भी लगाया अर्धशतक
पडिक्कल के साथ भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने भी महत्वपूर्ण साझेदारी की। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 100 से ज्यादा रन जोड़े और भारत को शुरुआती झटकों से बाहर निकाला। गिल ने भी अपना अर्धशतक पूरा किया, लेकिन इसके बाद वह 50 रन के स्कोर पर आउट हो गए। पहले दिन के दूसरे सत्र के अंत में भारत 187/3 के स्कोर पर था और पडिक्कल 63 रन बनाकर नाबाद थे। बाद में पडिक्कल ने अपनी पारी को शतक में बदला और 117 रन बनाकर भारत के लिए अहम योगदान दिया।
यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल जल्दी लौटे
भारत की शुरुआत पूरी तरह आसान नहीं रही। टीम ने शुरुआती सत्र में केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल के विकेट गंवा दिए। केएल राहुल के आउट होने के बाद पडिक्कल को क्रीज पर आने का मौका मिला। कुछ समय बाद यशस्वी जायसवाल भी 45 रन बनाकर आउट हुए। उनके आउट होने के बाद मैदान पर कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति भी देखने को मिली। इसके बाद गिल और पडिक्कल ने मोर्चा संभाला और भारत की पारी को मजबूती दी।
मैच में भारत की स्थिति हुई मजबूत
दूसरे टेस्ट में टॉस जीतकर भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब ग्राउंड पर खेले जा रहे इस मुकाबले में भारत पहले ही टेस्ट में 165 रन की जीत के कारण सीरीज में बढ़त लेकर उतरा है। पहले दिन पडिक्कल के शतक और गिल की अर्धशतकीय पारी ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। हालांकि पारी के आगे बढ़ने के साथ श्रीलंकाई गेंदबाजों ने भी वापसी की कोशिश की।
पडिक्कल के शतक से भारत को मिला बड़ा फायदा
श्रीलंका के खिलाफ लगातार दूसरे टेस्ट में शतक लगाना पडिक्कल के लिए व्यक्तिगत उपलब्धि तो है ही, साथ ही भारतीय टीम के लिए भी यह बेहद अहम साबित हुआ। पहले टेस्ट में 167 रन और अब दूसरे टेस्ट में 117 रन की पारी ने दिखाया कि पडिक्कल ने टेस्ट क्रिकेट में मिले मौके को अच्छी तरह भुनाया है। गॉल में उनके प्रदर्शन की बदौलत भारत ने पहली पारी में 462 रन बनाए थे। अब कोलंबो में भी उनकी बड़ी पारी ने भारतीय पारी को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।