फीफा विश्व कप में ग्रुप 'एच' के अंतिम मुकाबलों ने फुटबॉल फैंस की धड़कनें बढ़ा दीं। शुरुआती झटकों से उबरते हुए यूरोपीय चैंपियन स्पेन ने टूर्नामेंट में अपना दबदबा साबित कर दिया है। सऊदी अरब को रौंदने के बाद, स्पेन ने अब उरुग्वे जैसी मजबूत टीम को 1-0 से धूल चटा दी। इस जीत के साथ स्पेन ग्रुप चैंपियन बनकर शान से 'राउंड ऑफ 32' में पहुंच गया है। वहीं दूसरी ओर, इस ग्रुप की सबसे कमजोर मानी जा रही केप वर्डे की टीम ने 'जायंट किलर' की भूमिका निभाते हुए इतिहास रच दिया है।
मुसलेरा की 'ब्लंडर' और बायोना का गोल
मेक्सिको के एस्टाडियो ग्वाडलजारा स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में स्पेन के कोच लुइस डे ला फुएंते ने दानी ओल्मो और प्रेडो पोरो जैसे सितारों को बेंच पर रखा, जबकि बार्सिलोना के वंडरकिड लामिने यामाल ने शुरुआत की। हालांकि, यामाल आज अपने पूरे रंग में नहीं दिखे और मिडफील्ड में स्पैनिश टीम ने कई मिस-पास किए।
मैच का इकलौता और निर्णायक गोल 42वें मिनट में आया, जो उरुग्वे की किस्मत की बड़ी भूल थी। स्पेन के विंगर एलेक्स बायोना ने दाहिने छोर से गोलपोस्ट की तरफ एक सीधा शॉट मारा। उरुग्वे के अनुभवी गोलकीपर फर्नांडो मुसलेरा इस बेहद आसान गेंद को जज करने में बड़ी गलती कर बैठे और गेंद उनके हाथों से छिटककर सीधे नेट में जा घुसी।
उरुग्वे के कोच की रणनीति फेल, रेड कार्ड का ड्रामा
दूसरे हाफ में उरुग्वे के कोच मार्सेलो बिएल्सा ने गोलकीपर तो बदला, लेकिन उनकी एक और रणनीति टीम पर भारी पड़ गई। नॉकआउट की रेस में बने रहने के लिए उरुग्वे को गोल की सख्त जरूरत थी, लेकिन कोच ने स्टार मिडफील्डर फेडेरिको वालवर्दे को मैदान से बाहर बुलाकर एक डिफेंडर को उतार दिया।
मैच के आखिरी 10 मिनट में दो बार की विश्व चैंपियन उरुग्वे ने बराबरी के लिए कुछ आक्रामक प्रयास किए, लेकिन स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन ने उनके हर मंसूबे पर पानी फेर दिया। अंत में हताशा में उरुग्वे के अगस्टिन कनाबियो विपक्षी खिलाड़ियों से भिड़ गए और रेड कार्ड खाकर बाहर हो गए। इस हार के साथ ही उरुग्वे लगातार दूसरी बार वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज से बाहर हो गया।
केप वर्डे का 'जादू', स्टेडियम ने खड़े होकर बजाई तालियां
उरुग्वे की इस हार का सबसे बड़ा फायदा मिला केप वर्डे को। ह्यूस्टन स्टेडियम में खेले गए दूसरे मैच में केप वर्डे ने सऊदी अरब को 0-0 की बराबरी पर रोक दिया। केप वर्डे के गोलकीपर वोजिन्हा एक बार फिर दीवार बनकर खड़े रहे और तीन शानदार सेव किए।
इस ड्रॉ के साथ केप वर्डे 3 मैचों में 3 अंक लेकर ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहा और नॉकआउट के लिए क्वालीफाई कर गया, जबकि उरुग्वे 2 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहकर बाहर हो गया। साल 2010 के बाद पहली बार विश्व कप में डेब्यू करने वाले किसी देश ने नॉकआउट में जगह बनाई है। मैच खत्म होने के बाद पूरे ह्यूस्टन स्टेडियम ने खड़े होकर (Standing Ovation) इस नन्ही टीम के जज्बे को सलाम किया।