स्पोर्ट्स डेस्क: अल्जीरिया के खिलाफ धमाकेदार हैट्रिक लगाने के बाद, अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर लियोनेल मेसी ने अब ऑस्ट्रिया के खिलाफ दो शानदार गोल दागकर इतिहास रच दिया है। इसके साथ ही वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने का रिकॉर्ड अब इस महान अर्जेंटीनाई खिलाड़ी के नाम हो गया है। मेसी ने विश्व कप में अपने कुल गोलों की संख्या 18 पर पहुंचाकर जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोजे (16 गोल) के ऐतिहासिक रिकॉर्ड को तोड़ दिया है।
हालांकि, इस ऐतिहासिक मैच के बाद मेसी ने एक दिलचस्प खुलासा किया कि दो गोल करने से पहले वह खुद से बेहद नाराज थे।
पेनल्टी चूके, फिर गुस्से में किया पलटवार
मैच की शुरुआत मेसी के लिए अच्छी नहीं रही थी। उन्होंने एक पेनल्टी मिस कर दी, और शॉट इतना खराब था कि गेंद टारगेट पर भी नहीं रही। लेकिन महान खिलाड़ी वही है जो अपनी गलती से उबरना जानता है। मेसी ने मैच के 38वें मिनट में बाईं ओर से आए एक पास को अपने चिरपरिचित अंदाज में गोल पोस्ट में डाल दिया। इसके बाद मैच के आखिरी पलों में उन्होंने ऑस्ट्रियाई डिफेंडर के पैरों के बीच से गेंद को निकालते हुए अपना दूसरा और टीम का निर्णायक गोल दागा।
रिकॉर्ड पर क्या बोले मेसी?
मैच के बाद जब मेसी से बात की गई, तो उनके दिमाग में रिकॉर्ड से ज्यादा टीम की जीत थी। टूर्नामेंट के 2 मैचों में 5 गोल कर चुके मेसी ने कहा:"प्रशंसक खुश हैं और मैं उन्हें और ज्यादा खुशियां देना चाहता हूं। पेनल्टी मिस करने के बाद मैं खुद पर बहुत गुस्से में था। भाग्य अच्छा था कि मैं उस गलती को सुधार सका। वर्ल्ड कप का हर मैच मुश्किल होता है। हम जीतकर अगले दौर (नॉकआउट) में पहुंच गए हैं, यही सबसे ज्यादा मायने रखता है।"
जब उनसे पूछा गया कि उनके 18 गोलों में से सबसे पसंदीदा गोल कौन सा है, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "मैं अभी बहुत थक गया हूं। पुराने गोलों को याद करने की ऊर्जा मुझमें नहीं है।"
दिग्गजों ने की मेसी की तारीफ
मेसी द्वारा रिकॉर्ड तोड़े जाने के बाद जर्मनी के पूर्व स्ट्राइकर मिरोस्लाव क्लोजे ने दरियादिली दिखाते हुए कहा:"मैं हमेशा कहता हूं कि मेसी की किसी से तुलना नहीं हो सकती। मेरे लिए वह सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ (G.O.A.T) हैं। बधाई हो चैंपियन"
वहीं, ब्राजील के महान फुटबॉलर रोनाल्डो नाज़ारियो भी मेसी के मुरीद नजर आए। उन्होंने मजाकिया अंदाज में अपनी तुलना करते हुए कहा: "वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा गोल करने का खिताब मेसी ही डिजर्व करते हैं। 38 साल की उम्र में तो मैंने फुटबॉल छोड़ दिया था और तब मेरा वजन 120 किलो हो गया था।"