आयरलैंड - भारतीय क्रिकेट टीम को आयरलैंड के खिलाफ पहले टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में 34 रनों की अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा। यह मैच श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम इंडिया का पहला टी20 मुकाबला था, लेकिन उनकी कप्तानी की शुरुआत जीत के बजाय निराशाजनक हार के साथ हुई। तीन बार टी20 विश्व कप जीत चुकी भारतीय टीम पहली बार किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में आयरलैंड से पराजित हुई है।
पहली बार आयरलैंड ने भारत को हराया
अब तक भारत और आयरलैंड के बीच खेले गए सभी टी20 और वनडे मुकाबलों में भारतीय टीम का दबदबा रहा था। लेकिन इस मैच में आयरलैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। यह पहली बार है जब आयरलैंड ने भारत को किसी भी अंतरराष्ट्रीय फॉर्मेट में हराने में सफलता हासिल की है।
183 रन के लक्ष्य का नहीं कर सकी पीछा
मुकाबले में आयरलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने 183 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। जवाब में भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह लड़खड़ा गई। नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे और कोई भी बल्लेबाज लंबी पारी नहीं खेल सका। पूरी टीम 18.5 ओवर में सिर्फ 148 रन पर सिमट गई और भारत को 34 रनों से हार झेलनी पड़ी।
बल्लेबाजी रही सबसे बड़ी कमजोरी
भारतीय बल्लेबाज शुरुआत से ही दबाव में नजर आए। पावरप्ले के भीतर ही शुरुआती विकेट गिरने के बाद टीम कभी भी मुकाबले में वापसी नहीं कर सकी। मध्यक्रम भी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा, जबकि निचले क्रम के बल्लेबाज भी लक्ष्य के करीब पहुंचाने में नाकाम रहे। दूसरी ओर आयरलैंड के गेंदबाजों ने अनुशासित लाइन-लेंथ के साथ शानदार गेंदबाजी करते हुए भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
सीरीज में भारत पर बढ़ा दबाव
दो मैचों की टी20 सीरीज में पहला मुकाबला हारने के बाद भारतीय टीम अब सीरीज बचाने के लिए दूसरे मैच में हर हाल में जीत दर्ज करना चाहेगी। वहीं आयरलैंड की टीम इस ऐतिहासिक जीत के बाद आत्मविश्वास से भर गई है और उसकी नजरें सीरीज जीतने पर होंगी।
श्रेयस अय्यर के लिए चुनौतीपूर्ण शुरुआत
श्रेयस अय्यर के लिए कप्तान के रूप में यह शुरुआत बेहद चुनौतीपूर्ण रही। अब उनकी अगुआई में भारतीय टीम के सामने अगले मुकाबले में वापसी कर सीरीज बराबर करने की बड़ी चुनौती होगी। भारतीय टीम चाहेगी कि बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में बेहतर प्रदर्शन करते हुए हार की भरपाई की जाए।