न्यू जर्सी (मेटलाइफ स्टेडियम): साल 2018 की चैंपियन और 2022 की उपविजेता फ्रांस ने फीफा विश्व कप 2026 में जीत के साथ अपने सफर का आगाज किया है। न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए ग्रुप स्टेज के बेहद रोमांचक मुकाबले में फ्रांस ने सेनेगल को 3-1 से शिकस्त दी। मैच के पहले हाफ में संघर्ष करने के बाद, दूसरे हाफ में फ्रांसीसी कप्तान किलियन एम्बाप्पे के दो ऐतिहासिक गोल और ब्रैडली बारकोला के एक गोल की बदौलत डिडिएर डेशचैम्प्स की टीम ने मैदान मार लिया।
इस मैच में दो गोल दागने के साथ ही एम्बाप्पे ने दिग्गज खिलाड़ी ओलिवियर जिरू का सालों पुराना रिकॉर्ड तोड़कर इतिहास के पन्नों में अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों से दर्ज करा लिया है।
पहले हाफ में सेनेगल का दबदबा, फ्रांस रहा दबाव में
मैच के शुरुआती एक घंटे तक खेल फ्रांस के नियंत्रण में नहीं दिख रहा था। सेनेगल के कोच अलियू सिसे ने एम्बाप्पे को बांधकर रखने के लिए चक्रव्यूह रचा था। सेनेगल के खिलाड़ी फ्रांसीसी कप्तान के हर मूव और हर पास पर कड़ा पहरा दे रहे थे।
उलटफेर की ताक में बैठी सेनेगल की टीम पहले हाफ में गोल करने के बेहद करीब पहुंच गई थी। निकोलस जैक्सन का एक शानदार शॉट सीधे गोलपोस्ट से टकराया, वहीं इस्माइला सार का एक प्रयास बार के ऊपर से निकल गया। सेनेगल के मिडफील्डर्स ने फ्रांस के स्टार फॉरवर्ड लाइन—उस्मान डेम्बेले, माइकल ओलिस, डेजायर डुए और खुद एम्बाप्पे को पहले 45 मिनट तक पूरी तरह खामोश रखा।
कोच डेशचैम्प्स की रणनीति ने पलटा पासा
हाफ-टाइम के बाद फ्रांस के अनुभवी कोच डिडिएर डेशचैम्प्स ने अपनी रणनीति बदली। उन्होंने डिफेंस को और मजबूत किया और मिडफील्ड के गैप को कम किया। साथ ही उस्मान डेम्बेले को थोड़ा पीछे खींचकर राइट विंग को मजबूती दी। कोच का यह दांव मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ और मैच का रुख पूरी तरह पलट गया।
मैच के 61वें मिनट में माइकल ओलिस के एक बेहतरीन थ्रू पास को लपकते हुए एम्बाप्पे ने सेनेगल के गोलकीपर एडुआर्ड मेंडी को छकाते हुए गेंद को जाल में डाल दिया और फ्रांस को 1-0 की बढ़त दिला दी। इसके कुछ ही देर बाद, सब्स्टीट्यूट के तौर पर मैदान में उतरे ब्रैडली बारकोला ने एड्रियन रैबियोट के पास पर बेहद ठंडे दिमाग से गोल दागकर फ्रांस की बढ़त को 2-0 कर दिया।
एम्बाप्पे का ऐतिहासिक रिकॉर्ड और जीत पर मुहर
दो गोल से पिछड़ने के बाद भी सेनेगल ने घुटने नहीं टेके। मैच में रोमांच तब बढ़ गया जब 18 वर्षीय युवा खिलाड़ी इब्राहिम एम्बाए ने ऑरेलियन चूआमेनी को चकमा देते हुए एक शानदार शॉट से गोल दागा और स्कोर 2-1 कर दिया।
लेकिन सेनेगल की वापसी की यह उम्मीद ज्यादा देर नहीं टिकी। इसके कुछ ही मिनटों बाद किलियन एम्बाप्पे ने लगभग 30 गज की दूरी से एक ऐसा रॉकेट शॉट लगाया कि विरोधी गोलकीपर के पास उसे रोकने का कोई मौका नहीं था। इस दूसरे गोल के साथ फ्रांस ने 3-1 से अपनी जीत सुनिश्चित कर ली।
मुलर की बराबरी की, मेसी को पीछे छोड़ा
इस मुकाबले में दो गोल करने के साथ ही नेशनल टीम के लिए एम्बाप्पे के गोलों की संख्या 58 पहुंच गई है। उन्होंने ओलिवियर जिरू को पीछे छोड़ दिया है और अब वह फ्रांस के इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं।
यही नहीं, विश्व कप इतिहास में एम्बाप्पे के अब कुल 14 गोल हो गए हैं। इस मामले में उन्होंने अर्जेंटीना के दिग्गज लियोनेल मेसी को पीछे छोड़ दिया है और जर्मनी के महान फुटबॉलर गर्ड मुलर के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। पहले हाफ में लाचार दिख रहे एम्बाप्पे ने एक बार फिर साबित कर दिया कि विश्व कप के मंच पर उनके लिए विरोधियों को हमेशा एक अलग रणनीति बनानी होगी। फ्रांस का अगला मुकाबला अब इराक से होगा।