फीफा वर्ल्ड कप में एक बार फिर 'जर्मन बुलडोजर' का पुराना और खूंखार रूप देखने को मिला है। अपने पहले ही मैच में कुराकाओ को 7 गोल से रौंदकर जर्मनी ने साल 2014 के उस ऐतिहासिक दौर की यादें ताजा कर दी हैं, जब उनकी आंधी में बड़े-बड़े सूरमा उड़ जाया करते थे।
एनमेचा ने खोला खाता, कुराकाओ ने दिया था झटका
मैच की शुरुआत से ही जर्मन खिलाड़ियों ने डच नियंत्रण वाले छोटे से देश कुराकाओ पर दबाव बना लिया था। खेल के छठे मिनट में ही फेलिक्स एनमेचा ने दाहिने पैर से एक शानदार कर्लिंग शॉट लगाकर जर्मनी को 1-0 की बढ़त दिला दी। खेल पूरी तरह कुराकाओ के बॉक्स के आसपास ही घूम रहा था, लेकिन 21वें मिनट में मैच ने करवट ली। खेल की रफ्तार के विपरीत जाकर नील जर्सी वाले कुराकाओ के लिवानो कोमेंसिया ने एक जोरदार काउंटर अटैक पर गोल दागकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। एक पल के लिए लगा कि करीब डेढ़ लाख की आबादी वाला यह छोटा सा देश कोई बड़ा उलटफेर करने जा रहा है, लेकिन यह उम्मीदें ज्यादा देर नहीं टिकीं।
पहले हाफ में ही जर्मनी ने बनाई बढ़त
जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ा, दोनों टीमों के बीच का अंतर साफ नजर आने लगा। कुराकाओ के खिलाड़ी जर्मन आक्रमण के सामने बेबस दिखे। 38वें मिनट में निको श्लॉटरबेक ने कॉर्नर पर शानदार हेडर लगाकर जर्मनी को 2-1 से आगे कर दिया। इसके बाद पहले हाफ के इंजरी टाइम (अतिरिक्त समय) में मिले पेनल्टी को काई हाफर्ट्ज ने गोल में बदलकर स्कोर 3-1 कर दिया।
दूसरे हाफ में जारी रहा 'जर्मन बुलडोजर' का कहर
दूसरे हाफ की शुरुआत होते ही जर्मनी ने कुराकाओ को उबरने का कोई मौका नहीं दिया। टीम के मौजूदा स्टार खिलाड़ी जमाल मुसियाला ने 47वें मिनट में गोल कर फासला और बड़ा कर दिया। इसके बाद कुराकाओ के डिफेंडर्स पूरी तरह थक चुके थे, जिसका फायदा उठाकर नाथानिएल ब्राउन ने 68वें और डेनिज उंदाव ने 78वें मिनट में आसानी से गोल दागकर स्कोरलाइन को बेहद मजबूत कर दिया।
आंकड़ों में जर्मनी का एकतरफा दबदबा
इस मैच में जर्मनी का दबदबा सिर्फ गोल तक सीमित नहीं था, बल्कि आंकड़ों में भी साफ दिखा:
बॉल पजेशन: जर्मनी 65% | कुराकाओ 35%
कुल पासेज: जर्मनी 599 | कुराकाओ 289
अगर कुराकाओ के गोलकीपर एलॉय रूम ने कुछ बेहतरीन और निश्चित दिखने वाले गोल न बचाए होते, तो यह स्कोर 7 की जगह 10 भी हो सकता था। इस धमाकेदार 7 गोल की जीत के बाद अब फुटबॉल जगत की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या जर्मन टीम इस आत्मविश्वास के दम पर पिछले दो विश्व कप के अपने खराब प्रदर्शन के दाग को धो पाएगी या नहीं? इसका जवाब वक्त ही देगा।