नई दिल्ली - भारत और अफगानिस्तान के बीच हाल ही में समाप्त हुई वनडे सीरीज में टीम इंडिया ने 3-0 से शानदार क्लीन स्वीप किया, लेकिन इस सीरीज के बाद पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने भारतीय क्रिकेट के व्यस्त कार्यक्रम को लेकर महत्वपूर्ण चिंता जताई है। उनका मानना है कि लगातार क्रिकेट खेलने से खिलाड़ियों पर शारीरिक और मानसिक दबाव बढ़ रहा है।
हर साल एक महीने के अनिवार्य ब्रेक की मांग
सुनील गावस्कर ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से अपील की है कि खिलाड़ियों को हर साल कम से कम एक महीने का अनिवार्य विश्राम दिया जाए। उनके अनुसार यह ब्रेक खिलाड़ियों की फिटनेस, मानसिक ताजगी और लंबे करियर के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि लगातार यात्रा, अभ्यास और मैचों का दबाव खिलाड़ियों के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है।
वर्कलोड मैनेजमेंट पर जताई आपत्ति
भारतीय टीम के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज गावस्कर ने खिलाड़ियों को वर्कलोड मैनेजमेंट के नाम पर बार-बार आराम देने की मौजूदा नीति पर भी सवाल उठाए। उनका मानना है कि जब भी भारत मैदान पर उतरे, तब देश की सर्वश्रेष्ठ टीम को खेलना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई खिलाड़ी चोटिल नहीं है, तो उसे केवल कार्यभार प्रबंधन के आधार पर बाहर बैठाने से बचना चाहिए।
बुमराह का उदाहरण देकर समझाया पक्ष
पूर्व कप्तान ने उदाहरण देते हुए कहा कि अफगानिस्तान सीरीज में जसप्रीत बुमराह को आराम दिया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या बुमराह अपने करियर में और अधिक विकेट या यादगार प्रदर्शन दर्ज नहीं करना चाहेंगे। गावस्कर के अनुसार महान खिलाड़ी हमेशा मैदान पर रहकर टीम के लिए योगदान देना चाहते हैं और उन्हें अनावश्यक रूप से आराम देने से बचना चाहिए।
युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना
गावस्कर ने सीरीज में युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि शुभमन गिल और केएल राहुल ने शानदार शतक लगाए, जबकि युवा खिलाड़ी मानव सुथार ने प्रभावशाली डेब्यू कर अपनी प्रतिभा दिखाई। इससे भारतीय क्रिकेट की मजबूत बेंच स्ट्रेंथ का भी पता चलता है। गावस्कर का मानना है कि केवल खिलाड़ियों को ही नहीं, बल्कि क्रिकेट प्रशंसकों को भी एक निर्धारित अवधि का ब्रेक मिलना चाहिए। लगातार क्रिकेट होने से मैचों का आकर्षण भी प्रभावित होता है। उनके अनुसार यदि खिलाड़ियों और फैंस दोनों को साल में एक महीने का आराम मिले, तो खेल के प्रति उत्साह और ऊर्जा बनी रहेगी।
संतुलित कैलेंडर की जरूरत
उन्होंने कहा कि मौजूदा क्रिकेट कैलेंडर पर नजर डालें तो भारत लगभग हर महीने किसी न किसी श्रृंखला में व्यस्त रहता है। ऐसे में खिलाड़ियों की फिटनेस और खेल की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए भविष्य में संतुलित कार्यक्रम तैयार करना जरूरी होगा।