हरिद्वार : कुंभ 2027 की तैयारियों को लेकर राज्य सरकार ने निर्माण एवं विकास कार्यों में तेजी लाने के साथ ही उनकी गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष जोर देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने हरिद्वार पहुंचकर कुंभ क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया और विभिन्न स्थानों पर चल रहे निर्माण एवं विकास कार्यों का जायजा लिया।
मुख्य सचिव ने टेंपो ट्रैवल के माध्यम से अधिकारियों के साथ कुंभ क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने सड़क यातायात आधारभूत सुविधाओं सहित कुंभ से संबंधित विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने मौके पर अधिकारियों से कार्यों की वर्तमान स्थिति और निर्धारित समयसीमा के संबंध में फीडबैक भी लिया।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी कार्य अभी अधूरे हैं उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने को कहा ताकि कुंभ मेले के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
करीब 700 करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत
मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने कहा कि जनवरी से वर्ष 2027 का कुंभ प्रारंभ होने जा रहा है। कुंभ की तैयारियों को लेकर भारत सरकार और राज्य सरकार के स्तर पर विभिन्न योजनाओं के तहत कई कार्य स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि कुंभ में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें और उन्हें किसी तरह की असुविधा न हो।
उन्होंने बताया कि कुंभ की तैयारियों के लिए करीब 700 करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं और इन पर लगातार काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि सभी कार्यों को समय से पूरा करने के साथ ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्य सचिव ने कहा कि इतने बड़े आयोजन की तैयारियों में चुनौतियां हमेशा रहती हैं, लेकिन सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाए ताकि कुंभ शुरू होने से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी तरह तैयार रहें।
श्रद्धालुओं की सुविधा पर विशेष फोकस
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि कुंभ मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए व्यवस्थाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जाए। यातायात आवागमन बुनियादी सुविधाओं और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने कहा कि कुंभ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए उत्तराखंड की व्यवस्थाओं और आतिथ्य का अनुभव भी है। इसलिए सभी विभागों को अपने-अपने स्तर पर जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराने के लिए तैयार रहना होगा।
वरिष्ठ अधिकारियों के साथ की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान कुंभ मेला अधिकारी सोनिका जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मुख्य सचिव को कुंभ क्षेत्र में चल रहे विभिन्न कार्यों की प्रगति और आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाए रखते हुए सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुंभ 2027 से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
सरकार का लक्ष्य है कि कुंभ 2027 के आयोजन से पहले सभी आवश्यक निर्माण एवं विकास कार्य पूरे कर लिए जाएं जिससे हरिद्वार पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को सुगम आवागमन बेहतर सुविधाएं और सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।