हरिद्वार : लालढांग क्षेत्र में रसूलपुर से गांधी चौक तक पुल निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश एक बार फिर सामने आया है। लंबे समय से पुल निर्माण की मांग कर रहे ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर सरकार और प्रशासन से जल्द समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि पुल नहीं होने के कारण उन्हें विशेष रूप से बरसात के मौसम में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों के प्रदर्शन में कांग्रेस विधायक अनुपमा रावत भी पहुंचीं। उन्होंने ग्रामीणों की मांग का समर्थन करते हुए सरकार पर सवाल उठाए और रसूलपुर-गांधी चौक पुल के निर्माण के लिए जल्द बजट स्वीकृत करने की मांग की।
बरसात में नदी के रास्ते आवागमन की मजबूरी
विधायक अनुपमा रावत ने कहा कि रसूलपुर और गांधी चौक के बीच पुल नहीं होने के कारण बरसात के दौरान ग्रामीणों को नदी के रास्ते आवागमन करना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को होती है जिन्हें जान जोखिम में डालकर नदी के रास्ते आना-जाना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने पर यह रास्ता बेहद खतरनाक हो जाता है। इसके बावजूद ग्रामीणों के सामने आवागमन का कोई सुरक्षित विकल्प नहीं है। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में इसी तरह की परिस्थितियों के दौरान एक युवक की जान भी जा चुकी है। इसके बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
दस साल से मांग फिर भी नहीं बना पुल
अनुपमा रावत ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि करीब दस साल से ग्रामीण पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें अपनी मांग को लेकर बार-बार सड़क पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए सरकार को अब ठोस कदम उठाना चाहिए।