रामनगर : नैनीताल जिले के एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी की कार्यप्रणाली को लेकर सियासी विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। हल्द्वानी में कांग्रेस की महारैली को कथित तौर पर रोके जाने और कार्यकर्ताओं की गाड़ियां रोकने के आरोपों के बाद कांग्रेस नेताओं ने एसएसपी कार्यालय का घेराव कर विरोध जताया था। अब इस मुद्दे को लेकर रामनगर में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
रामनगर में पूर्व विधायक एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणजीत सिंह रावत के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतरे। कार्यकर्ताओं ने सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और भाजपा सरकार का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया।
हल्द्वानी में रैली को लेकर गरमाया मामला
कांग्रेस नेताओं के अनुसार हल्द्वानी में आयोजित महारैली में शामिल होने जा रहे कार्यकर्ताओं की गाड़ियों को रोके जाने के बाद विवाद शुरू हुआ। कांग्रेस पदाधिकारियों ने इसे राजनीतिक दबाव में की गई कार्रवाई बताते हुए नैनीताल के एसएसपी कार्यालय का घेराव किया था।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और पुलिस प्रशासन पर निष्पक्षता से काम नहीं करने के आरोप लगाए। कांग्रेस नेताओं का आरोप था कि प्रशासनिक मशीनरी पर सत्ताधारी दल का दबाव है। हालांकि इन आरोपों पर प्रशासन और पुलिस का पक्ष इस खबर में उपलब्ध नहीं है।
रामनगर में कांग्रेस का प्रदर्शन
हल्द्वानी के घटनाक्रम के बाद रामनगर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आक्रोश देखने को मिला। पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और पुतला दहन किया।
इस दौरान रणजीत सिंह रावत ने कहा कि लोकतंत्र और कानून व्यवस्था संविधान के दायरे में रहकर काम करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि अधिकारी सत्ता के दबाव में काम करेंगे तो कांग्रेस कार्यकर्ता इसका विरोध करने से पीछे नहीं हटेंगे।
रावत ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता किसी भी प्रकार के दबाव से डरने वाले नहीं हैं और जनता से जुड़े मुद्दों तथा कथित ज्यादतियों के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की प्रशासनिक हनक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रदेश स्तर पर बढ़ रहा सियासी तापमान
एसएसपी की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस के विरोध और भाजपा की ओर से किए जा रहे राजनीतिक पलटवार के बीच उत्तराखंड की सियासत में यह मुद्दा लगातार गरमाता जा रहा है। कांग्रेस जहां इसे प्रशासनिक निष्पक्षता से जोड़कर सरकार पर निशाना साध रही है वहीं पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
रामनगर में हुए प्रदर्शन के बाद अब देखना होगा कि इस मामले में प्रशासन और पुलिस की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है और कांग्रेस के आरोपों को लेकर क्या स्थिति स्पष्ट होती है। फिलहाल एसएसपी की कार्यप्रणाली को लेकर शुरू हुआ विवाद राजनीतिक रूप ले चुका है और आने वाले दिनों में इसके और तूल पकड़ने की संभावना बनी हुई है।