कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने अपने पर्सनल बैंक अकाउंट को फ्रीज किए जाने के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने अदालत में याचिका दायर कर बैंक की कार्रवाई को चुनौती दी है। मामले में उन्होंने तत्काल सुनवाई की मांग की।
HDFC बैंक पर बिना उचित प्रक्रिया कार्रवाई का आरोप
अभिषेक बनर्जी की ओर से पेश वकील अयान भट्टाचार्य ने अदालत को बताया कि उनके क्लाइंट का निजी HDFC बैंक अकाउंट कथित तौर पर बिना उचित प्रक्रिया का पालन किए फ्रीज किया गया। वकील के मुताबिक, खाते पर रोक लगाने से पहले अभिषेक को इसकी जानकारी नहीं दी गई और अब तक कार्रवाई की स्पष्ट वजह भी नहीं बताई गई है।
पुलिस शिकायत को लेकर भी कोर्ट में दी जानकारी
सुनवाई के दौरान अभिषेक बनर्जी के वकील ने दावा किया कि इस बैंक अकाउंट को लेकर कोई पुलिस शिकायत भी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अभिषेक पहले से चल रहे अन्य मामलों में अदालत के निर्देशों के मुताबिक जांच में सहयोग कर रहे हैं और उनके खिलाफ जारी अंतरिम सुरक्षा की शर्तों का पालन कर रहे हैं।
विदेश इलाज के लिए जाना है, इसलिए मांगी तत्काल राहत
याचिका में जल्द सुनवाई की मांग की एक अहम वजह अभिषेक बनर्जी की आगामी विदेश यात्रा भी बताई गई है। सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद वह चिकित्सा उपचार के लिए विदेश जाने वाले हैं। उनके वकील का कहना है कि ऐसे समय में निजी बैंक अकाउंट फ्रीज होने से उन्हें व्यावहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जस्टिस कृष्णा राव की बेंच में होगी सुनवाई
कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस कृष्णा राव ने मामले को सुनने पर सहमति जताई है। अदालत ने अभिषेक बनर्जी के वकील को संबंधित पक्षों को नोटिस देने का निर्देश दिया है। मामले पर बुधवार, 19 अगस्त 2026 को सुनवाई होगी।
कोर्ट ने पूछा- क्या अभिषेक के खिलाफ कोई जांच चल रही है?
सुनवाई के दौरान अदालत की ओर से यह भी पूछा गया कि क्या अभिषेक बनर्जी के खिलाफ कोई जांच चल रही है। उनके वकील ने जवाब में बताया कि अलग-अलग मामलों में हाईकोर्ट ने उन्हें फिलहाल दंडात्मक या जबरन कार्रवाई से संरक्षण दिया हुआ है और वह अदालत द्वारा तय शर्तों का पालन कर रहे हैं।
क्या है पूरे मामले का अगला चरण?
अब 19 अगस्त की सुनवाई में हाईकोर्ट यह देखेगा कि निजी बैंक द्वारा खाते को फ्रीज करने की कार्रवाई किस आधार पर की गई और क्या इसके लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन हुआ। फिलहाल अदालत ने मामले में अंतिम फैसला नहीं दिया है।