नदिया: पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के एक नन्हे संगीतकार ने अपनी असाधारण प्रतिभा से पूरे देश का ध्यान खींचा है। संतूर के तारों पर अपनी उंगलियों का जादू बिखेरते हुए अंशुमान सरकार ने महज 29 मिनट 32 सेकंड में 59 अलग-अलग शास्त्रीय रागों पर आधारित 60 संगीत रचनाएं प्रस्तुत कर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज करा लिया है। उनकी इस उपलब्धि ने भारतीय शास्त्रीय संगीत की दुनिया में एक नई पहचान बनाई है।
संतूर पर रचा इतिहास, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम
इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के अनुसार, अंशुमान सरकार ने 'Maximum Gats of Indian Classical Ragas Played on Santoor by a Child' श्रेणी में यह रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने संतूर जैसे पारंपरिक और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण वाद्ययंत्र पर 59 अलग-अलग रागों पर आधारित कुल 60 गत प्रस्तुत कीं। उनके इस रिकॉर्ड की आधिकारिक पुष्टि 15 अक्टूबर 2026 को की गई थी।
29 मिनट 32 सेकंड में 60 प्रस्तुतियां, आसान नहीं था यह सफर
अंशुमान की इस प्रस्तुति की सबसे खास बात इसकी रफ्तार और सटीकता रही। महज आधे घंटे से भी कम समय में 60 संगीत रचनाएं प्रस्तुत करने का मतलब है कि उन्हें हर राग की पहचान, उसकी लय और उसकी विशेषताओं को बेहद कम समय में संतूर पर उतारना था। इसके लिए मजबूत संगीत स्मृति, उंगलियों पर नियंत्रण और ताल की गहरी समझ की जरूरत होती है।
आलाप से तिहाई तक, शास्त्रीय संगीत के चारों अंगों का प्रदर्शन
अंशुमान की रिकॉर्ड बनाने वाली प्रस्तुति में भारतीय शास्त्रीय संगीत के चार महत्वपूर्ण अंग शामिल थे।
- आलाप: किसी राग का शुरुआती और विस्तारपूर्ण परिचय।
- स्थायी: संगीत रचना का मुख्य और शुरुआती हिस्सा।
- अंतरा: रचना का अगला प्रमुख हिस्सा, जिसमें राग का विस्तार होता है।
- तिहाई: किसी लयबद्ध बोल या संगीत अंश को तीन बार दोहराकर ताल के सम पर समाप्त करने की शैली।
इन सभी अंगों को अलग-अलग रागों के अनुरूप संतूर पर प्रस्तुत करना उनकी संगीत साधना और तकनीकी दक्षता को दर्शाता है।
संतूर की धुन से देशभर में बढ़ाया बंगाल का मान
अंशुमान सरकार की यह उपलब्धि केवल एक रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है। यह भारतीय शास्त्रीय संगीत की उस समृद्ध परंपरा की झलक भी है, जिसे नई पीढ़ी अपनी प्रतिभा और मेहनत से आगे बढ़ा रही है। नदिया जैसे जिले से निकली इस युवा प्रतिभा ने दिखा दिया है कि लगन, अनुशासन और निरंतर रियाज के दम पर कम उम्र में भी बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।