बालुरघाट/उत्तर बंगाल: पश्चिम बंगाल सरकार की अन्नपूर्णा योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता खातों में नहीं पहुंचने से उत्तर बंगाल के कई इलाकों में पात्र महिलाओं का आक्रोश सामने आया। द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, बालुरघाट, मालदा समेत कई स्थानों पर महिलाओं ने प्रदर्शन किया और प्रशासन से जल्द भुगतान की मांग की। बालुरघाट में प्रदर्शन का असर सड़क यातायात पर भी पड़ा। महिलाओं ने पहले एसडीओ कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और बाद में जिलाधिकारी कार्यालय के सामने पहुंचकर सड़क जाम कर दी। इसके चलते मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।
राशि नहीं मिलने से बढ़ी नाराजगी
राज्य सरकार की योजना के तहत बड़ी संख्या में पात्र महिलाओं को सीधे बैंक खातों में आर्थिक सहायता भेजी जा रही है। हालांकि, प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि पात्रता की शर्तें पूरी करने के बावजूद उन्हें अब तक राशि नहीं मिली है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि समस्या के समाधान के लिए वे कई बार बीडीओ और संबंधित ब्लॉक कार्यालयों का चक्कर लगा चुकी हैं, लेकिन उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही थी।
लाखों आवेदन सत्यापन में अटके
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, पहले चरण के दस्तावेज सत्यापन में करीब 17 लाख आवेदन खारिज या लंबित किए गए। इनमें बड़ी संख्या ऐसे मामलों की बताई जा रही है, जिनमें बैंक खाते और आधार से जुड़ी जानकारी में गड़बड़ी पाई गई। अधिकारियों के अनुसार, करीब 10 लाख मामलों में आधार-बैंक लिंकिंग से जुड़ी समस्या सामने आई। इसके अलावा नाम या अन्य विवरण में त्रुटि, एक ही मोबाइल नंबर से कई आवेदन और पात्रता संबंधी शर्तों के कारण भी कुछ आवेदन प्रक्रिया से बाहर हुए।
सड़क जाम के बाद पुलिस मौके पर पहुंची
बालुरघाट में प्रदर्शन के दौरान सड़क जाम होने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी महिलाओं से बातचीत कर यातायात बहाल कराने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि जिन आवेदनों में तकनीकी या दस्तावेजी खामियां हैं, उन्हें सुधारने का अवसर दिया जाए और पात्र महिलाओं को जल्द से जल्द बकाया राशि उपलब्ध कराई जाए।
त्रुटियां सुधारने के लिए विशेष कैंप
सरकार की ओर से ब्लॉक स्तर पर विशेष कैंप लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इन कैंपों में आधार-बैंक लिंकिंग और अन्य दस्तावेजी समस्याओं को ठीक कराने में आवेदकों की मदद करने की व्यवस्था की जा रही है। पात्र पाए जाने वाले आवेदकों के मामलों पर दोबारा कार्रवाई कर लंबित सहायता राशि जारी करने का आश्वासन भी दिया जा रहा है। अन्नपूर्णा योजना को लेकर उत्तर बंगाल में हुए इन प्रदर्शनों ने सरकारी योजनाओं में आवेदन सत्यापन, बैंकिंग प्रक्रिया और प्रशासनिक समन्वय की चुनौतियों को एक बार फिर सामने ला दिया है।