कोलकाता:पश्चिम बंगाल सचिवालय 'नवान्न' में मंगलवार को राज्य के विकास, कृषि और ग्रामीण रोजगार को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई. केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बीच हुई इस बैठक में राज्य के ग्रामीण इलाकों के विकास के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए.इस बैठक में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के अलावा राज्य के पंचायत व ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष, कृषि मंत्री दूधकुमार मंडल और लघु, कुटीर व मध्यम उद्योग राज्य मंत्री अशोक डिंडा भी उपस्थित रहे.
मनरेगा की जगह आई 'जीरामजी' योजना, मजदूरी बढ़कर हुई ₹300
बैठक के बाद आयोजित पत्रकार वार्ता में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बंगाल में 100 दिनों के काम (मनरेगा) के नए स्वरूप 'जीरामजी' (125 दिनों का काम) योजना को लेकर बड़ी घोषणा की. उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत अकुशल (Unskilled) श्रमिकों की न्यूनतम दैनिक मजदूरी को बढ़ाकर अब ₹300 कर दिया गया है.
मजदूरी में बढ़ोतरी: वित्तीय वर्ष 2024-25 में यह मजदूरी ₹250 थी, जो अगले वर्ष बढ़कर ₹260 हुई और अब इसे सीधे ₹300 कर दिया गया है.
अन्य राज्यों के बराबर आया बंगाल: इस बढ़ोतरी के साथ ही पश्चिम बंगाल अब गुजरात, ओडिशा और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों की श्रेणी में आ गया है, जहां न्यूनतम मजदूरी ₹300 है. हालांकि, यह हरियाणा और कर्नाटक से अब भी कम है.
कुशल श्रमिकों को लाभ: योजना के तहत अर्ध-कुशल (Semi-skilled) श्रमिकों को अब ₹450 और कुशल (Skilled) श्रमिकों को ₹600 प्रतिदिन मिलेंगे.
जॉब कार्ड धारक: वर्तमान में राज्य में इसके लिए 2 करोड़ 56 लाख जॉब कार्ड धारकों की पहचान की जा चुकी है.
आपदा में अतिरिक्त काम: यदि किसी प्राकृतिक आपदा के कारण काम बाधित होता है, तो श्रमिकों को निर्धारित 125 दिनों के अलावा 50 दिन का अतिरिक्त काम दिया जाएगा.
प्रधानमंत्री आवास योजना: अब 15 अगस्त तक बनेगी लिस्ट, 1 लाख घरों को मिली मंजूरी
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर भी राज्य सरकार को बड़ी सफलता मिली है. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार ने बंगाल के लिए 1 लाख नए घरों की मंजूरी दे दी है.इसके साथ ही, राज्य सरकार के विशेष अनुरोध पर केंद्र ने आवास योजना के लाभार्थियों की सूची (Verification List) तैयार करने की समयसीमा को बढ़ा दिया है. पहले यह समयसीमा 20 जुलाई निर्धारित थी, लेकिन राज्य में बारिश और अन्य प्रशासनिक परिस्थितियों को देखते हुए इसे बढ़ाकर अब 15 अगस्त कर दिया गया है.
ममता सरकार पर बरसे शिवराज सिंह चौहान: "अटके पड़े थे ₹82,492 करोड़ के प्रोजेक्ट"
नवान्न में पत्रकारों से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार के कार्यकाल में राज्य में रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग और मेट्रो जैसे कई अत्यंत महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स राजनीतिक कारणों और लापरवाही की वजह से अटके हुए थे।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा:
"पिछली सरकार के समय करीब 82,492 करोड़ रुपये के विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े थे. लेकिन राज्य में प्रशासनिक बदलाव (सत्ता परिवर्तन) के बाद अब इन थमे हुए विकास कार्यों में तेजी आई है. मोदी सरकार ने बंगाल में ग्रामीण विकास के लिए वादे के मुताबिक 31 मार्च तक ₹8,500 करोड़ का फंड आवंटित कर दिया है."बैठक के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि नवान्न में हुई यह बैठक बेहद सकारात्मक रही और इससे राज्य के ग्रामीण विकास को एक नई दिशा मिलेगी.