कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बीरभूम में कथित स्टोन माफिया और अवैध खनन नेटवर्क के खिलाफ हुई बड़ी कार्रवाई को राज्य पुलिस की अब तक की सबसे अहम सफलताओं में से एक बताया है। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस को स्वतंत्र रूप से काम करने का अवसर मिले तो वह किसी भी बड़े सिंडिकेट और राजस्व चोरी के नेटवर्क को ध्वस्त करने में सक्षम है।
पुलिस की कार्रवाई पर मुख्यमंत्री ने जताया भरोसा
मुख्यमंत्री ने राज्य के गृह सचिव और डीजीपी की मौजूदगी में कहा कि बीरभूम जिला पुलिस ने अपनी दक्षता और खुफिया जानकारी के दम पर एक बड़े रैकेट का खुलासा किया है। उन्होंने इस कार्रवाई के लिए बीरभूम पुलिस, डीजीपी और पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर केंद्रीय एजेंसियों, एसटीएफ और सीआईडी का सहयोग भी लिया जाएगा।
छापेमारी में करोड़ों की नकदी और सोना बरामद
मुख्यमंत्री के अनुसार, मीनार मंडल के ठिकाने से 28 करोड़ 50 लाख 47 हजार रुपये नकद और 15 किलोग्राम सोना बरामद किया गया है। बरामद सोने की अनुमानित कीमत करीब 50 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा 53 लाख रुपये नकद, 268 ग्राम सोने के आभूषण, 400 ग्राम चांदी और प्लैटिनम ज्वेलरी भी जब्त की गई है।
93 करोड़ रुपये के बैंक खाते फ्रीज
मुख्यमंत्री ने बताया कि जांच के दौरान टुलू मंडल उर्फ नाजिमुद्दीन मंडल के विभिन्न बैंक खातों में 93 करोड़ रुपये मिलने के बाद सभी खातों को फ्रीज कर दिया गया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि मुख्य आरोपी देश छोड़कर विदेश चला गया है। उसकी तलाश के लिए सभी एजेंसियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
242 वाहन और 21 संपत्तियां जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 242 वाहन जब्त किए हैं, जिनमें ट्रक, डंपर, लग्जरी कारें, BMW और Audi जैसी गाड़ियां शामिल हैं। साथ ही करीब 300 बीघा जमीन पर फैली 21 संपत्तियों को भी जब्ती की प्रक्रिया में शामिल किया गया है। इनमें सात मकान, एक फार्महाउस, दो पेट्रोल पंप, तीन स्टोन माइंस, दो क्रशर और अन्य व्यावसायिक संपत्तियां शामिल हैं।
राजस्व चोरी पर मुख्यमंत्री का बड़ा दावा
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान बीरभूम में पत्थर खनन से सरकार को सालाना केवल 60 से 80 करोड़ रुपये का राजस्व मिलता था, जबकि नई सरकार के कार्यभार संभालने के बाद सिर्फ एक महीने में 83 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो अब लगभग 100 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। उनका दावा है कि पहले हर साल लगभग 1000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा था।
जांच जारी, कई लोग हिरासत में
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। अब तक मीनार मंडल और पिनाकी डे को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य अकाउंटेंट, सहायक अकाउंटेंट और पेट्रोल पंप मैनेजर समेत पांच लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस पूरे नेटवर्क और इसके कथित लाभार्थियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।