दक्षिण 24 परगना: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के चंपाहाटी इलाके में गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को एक पटाखा निर्माण इकाई में अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। धमाके के बाद यूनिट में आग भड़क उठी और इलाके में धुएं का गुबार फैल गया। हादसे में कम से कम पांच लोग घायल हुए हैं, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं। घायलों में दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।
अचानक धमाके से मचा हड़कंप
जानकारी के मुताबिक, चंपाहाटी में आबादी से कुछ दूर एक खुले परिसर में टिन की छत वाले अस्थायी ढांचे में पटाखे तैयार किए जा रहे थे। गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे अचानक तेज धमाका हुआ। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि अस्थायी ढांचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। आसपास मौजूद पेड़-पौधों और बांस से बने ढांचों में भी आग फैल गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। इनमें से दो की स्थिति गंभीर बताई गई है, जबकि तीन अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी मिलने की जानकारी है।
मछली पालन के नाम पर पटाखे बनाने का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बापी नस्कर के कथित संरक्षण में यह इकाई बिना अनुमति संचालित की जा रही थी। आरोप है कि मजदूरों को मछली पालन के काम का भरोसा देकर वहां पटाखे बनाने के काम में लगाया जाता था। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि इकाई के पास पटाखा निर्माण के लिए जरूरी लाइसेंस और सुरक्षा संबंधी अनुमति थी या नहीं।
दमकल की कथित देरी पर स्थानीय लोगों का विरोध
विस्फोट के बाद आग बुझाने के लिए दमकल की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों ने कथित तौर पर दमकल के पहुंचने में देरी को लेकर नाराजगी जताई और विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति को देखते हुए बारुईपुर पुलिस जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अतीश बिस्वास के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को इलाके में तैनात किया गया।
मुख्य आरोपी की तलाश में पुलिस
बारुईपुर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच का प्रमुख फोकस यह पता लगाने पर है कि पटाखा निर्माण किसकी अनुमति से चल रहा था और वहां सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद कथित संचालक बापी नस्कर फरार है। उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। चंपाहाटी और दक्षिण 24 परगना के अन्य इलाकों में अवैध पटाखा निर्माण को लेकर पहले भी हादसे सामने आते रहे हैं। ताजा विस्फोट ने एक बार फिर ऐसे अनधिकृत निर्माण केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।