कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को एक और अहम सफलता मिली है। एजेंसी ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान सागर सोनकर और साहेब सोनकर के रूप में हुई है। दोनों आपस में भाई बताए जा रहे हैं। शुक्रवार को दोनों को अदालत में पेश किया गया। सीबीआई का कहना है कि गिरफ्तार दोनों आरोपी वर्तमान में भाजपा से जुड़े हैं, जबकि जांच के दौरान उनके पुराने राजनीतिक संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है।
दिसंबर 2025 से रची जा रही थी हत्या की साजिश
सीबीआई की शुरुआती जांच में सामने आया है कि चंद्रनाथ रथ की हत्या की योजना दिसंबर 2025 से बनाई जा रही थी। हालांकि, अलग-अलग परिस्थितियों के कारण इस साजिश को कई बार टालना पड़ा और योजना समय पर पूरी नहीं हो सकी। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा पूरे ऑपरेशन की रूपरेखा किसने तैयार की थी। अधिकारियों के मुताबिक, मामले की हर कड़ी को जोड़कर पूरी साजिश का खुलासा करने की कोशिश जारी है।
मोबाइल जांच में मिले अहम सुराग
सीबीआई ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। सागर सोनकर के मोबाइल की फॉरेंसिक जांच और कॉल रिकॉर्ड के विश्लेषण में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच में पता चला है कि उसने स्थानीय तृणमूल कांग्रेस के पार्टी कार्यालय के लैंडलाइन नंबर पर कई बार संपर्क किया था। इसके अलावा यह भी जानकारी मिली है कि वर्ष 2020 तक वह तत्कालीन सत्तारूढ़ दल के एक विधायक के साथ काम करता था और बाद में भाजपा में शामिल हो गया। एजेंसी इन सभी संपर्कों की गहराई से जांच कर रही है।
सुपारी किलर्स से संपर्क और पैसे पहुंचाने का आरोप
सीबीआई सूत्रों का दावा है कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के विश्लेषण से यह संकेत मिले हैं कि सागर सोनकर का संपर्क कथित सुपारी किलर्स से था। जांच में यह भी सामने आया है कि शूटरों तक पैसे पहुंचाने की जिम्मेदारी भी उसी ने निभाई थी। हालांकि, चंद्रनाथ रथ की हत्या के पीछे वास्तविक मकसद क्या था और इसमें किसकी क्या भूमिका रही, इसे लेकर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकला है। एजेंसी सभी पहलुओं की जांच कर रही है और फिलहाल किसी भी राजनीतिक भूमिका पर आधिकारिक तौर पर अंतिम टिप्पणी नहीं की गई है।
अब तक कई आरोपी गिरफ्तार, एक अभी भी फरार
इस हत्याकांड में अब तक छह कथित शूटरों—मनु सिंह, राज सिंह, गोलू सिंह, मयंकराज मिश्रा, विक्की मौर्य और नवीन कुमार सिंह—को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा सुपारी दिलाने वाले कथित बिचौलियों विनय राय, संजय राय और विकास मिश्रा भी सीबीआई की गिरफ्त में हैं। शुक्रवार को सागर और साहेब सोनकर की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या और बढ़ गई है। जांच एजेंसी के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क से जुड़ा एक आरोपी अब भी फरार है, जिसकी तलाश लगातार जारी है।